चरणजीत चन्नी के 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर सवाल से विवाद.. BJP बोली, "सबूत चाहिए तो राहुल गांधी के साथ पाकिस्तान चले जाएं"
पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर कांग्रेस सांसद और पूर्व पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है..
नयी दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर कांग्रेस सांसद और पूर्व पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने चन्नी के बयान को भारतीय सेना का अपमान बताया है, जबकि कांग्रेस नेता बाद में अपने बयान से पीछे हटते नज़र आए।
क्या बोले चन्नी?
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चन्नी ने कहा, "मैंने हमेशा सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा है। अब तक यह नहीं पता चला कि स्ट्राइक कहां हुई, किसको मारा गया और पाकिस्तान में यह कब हुआ। सरकार कहती है स्ट्राइक हुई, लेकिन कुछ हुआ ही नहीं।"
उन्होंने 22 अप्रैल को पहल्गाम में हुए आतंकी हमले पर भी सरकार से जवाब मांगा जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। चन्नी ने कहा, "देश के अंदर बम गिरता है तो क्या हम नहीं जानेंगे? अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार बताए कि हमले के पीछे कौन था और क्या कदम उठाए गए हैं।"
भाजपा का तीखा पलटवार
- बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन बोले, "चन्नी ने 2024 में पूंछ हमले में शहीद कॉर्पोरल विक्की पाहाड़े की शहादत को ‘स्टंटबाज़ी’ कहा था। अब वो फिर सेना का अपमान कर रहे हैं।"
- भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "अगर चन्नी को इतना ही सबूत चाहिए तो राहुल गांधी को साथ लेकर पाकिस्तान चले जाएं और खुद जांच लें कि सर्जिकल स्ट्राइक कहां हुई थी।"
- सिरसा ने यह भी जोड़ा कि "पाकिस्तान खुद मान चुका है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, फिर कांग्रेस को क्यों शक है?"
कांग्रेस की सफाई और चन्नी का पलटना
बीजेपी के हमलों के बाद चन्नी ने सफाई देते हुए कहा, "हमने कभी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत नहीं मांगे। आज का सवाल है कि पीड़ित परिवारों को इंसाफ कब मिलेगा। हम सरकार के साथ हैं। अगर सरकार पाकिस्तान पर कोई भी कड़ा कदम उठाती है, चाहे सरकार पानी रोके, एयरस्पेस बंद करे..कांग्रेस चट्टान की तरह साथ खड़ी है।"
पृष्ठभूमि
- 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहल्गाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे।
- कांग्रेस ने अपने नेताओं को हाल ही में सलाह दी थी कि पार्टी लाइन से हटकर बयान न दें, खासकर सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर।
- “56 इंच का सीना” — इस जुमले का उपयोग कांग्रेस अक्सर प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करने के लिए करती रही है।
What's Your Reaction?