ये 5 देश दुनिया में कहीं भी कर सकते हैं हमला; भारत इनमें नहीं.. चौंकाने वाला एक दावेदार आया सामने

आज की जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों में कुछ ही ऐसे देश हैं, जिनके पास यह दुर्लभ क्षमता है कि वे दुनिया के किसी भी कोने में मिसाइल हमला कर सकें। भारत इस चुनिंदा समूह में शामिल नहीं है, लेकिन उसका मिसाइल कार्यक्रम लगातार प्रगति कर रहा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर पर रोकथाम (डिटरेंस) और रक्षा क्षमता को बढ़ाना..

ये 5 देश दुनिया में कहीं भी कर सकते हैं हमला; भारत इनमें नहीं.. चौंकाने वाला एक दावेदार आया सामने
13-08-2025 - 10:37 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। आज की जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों में कुछ ही ऐसे देश हैं, जिनके पास यह दुर्लभ क्षमता है कि वे दुनिया के किसी भी कोने में मिसाइल हमला कर सकें। भारत इस चुनिंदा समूह में शामिल नहीं है, लेकिन उसका मिसाइल कार्यक्रम लगातार प्रगति कर रहा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर पर रोकथाम (डिटरेंस) और रक्षा क्षमता को बढ़ाना है। आइए जानते हैं कि किन देशों के पास वास्तविक वैश्विक हमले की क्षमता है और भारत उनसे कैसे तुलना करता है।

पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक तनाव बढ़ा है, जिसके चलते देशों ने अपने सैन्य शस्त्रागार को आधुनिक और विस्तारित किया है। इनमें लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियां ताकत दिखाने और रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने का अहम साधन बन गई हैं। अब तक केवल पांच देशों ने यह क्षमता प्रदर्शित की है कि वे धरती पर कहीं भी हमला कर सकते हैं।

1. रूस इस सूची में शीर्ष पर है। इसके पास दुनिया की कुछ सबसे ताकतवर मिसाइल तकनीकें हैं। इसका RS-28 Sarmat इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लगभग 18,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है, जिससे यह महाद्वीपों के पार स्थित लक्ष्यों तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा, इसकी न्यूक्लियर पावर्ड Burevestnik क्रूज़ मिसाइल की परिचालन रेंज को "असीमित" बताया जाता है। यह रणनीतिक हथियारों में एक बड़ी छलांग मानी जाती है।

2. अमेरिका भी उतनी ही मजबूत स्थिति में है। इसका Minuteman III मिसाइल, जिसकी मारक क्षमता 13,000 किलोमीटर से अधिक है, अमेरिकी परमाणु त्रिमुखी (न्यूक्लियर ट्रायड) का आधार है।
इसके साथ ही अमेरिका के पास परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बियों का विशाल बेड़ा है, जिन पर लंबी दूरी की मिसाइलें लगी हैं और जो समुद्र में लगभग कहीं से भी हमला करने में सक्षम हैं। ये पनडुब्बियां बेजोड़ लचीलापन और रोकथाम क्षमता प्रदान करती हैं।

3. चीन ने भी अपनी मिसाइल पहुंच बढ़ाने में भारी निवेश किया है। इसकी सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक, DF-41 मिसाइल, कथित तौर पर 12,000 से 15,000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। इससे बीजिंग लगभग दुनिया के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकता है, जो इसकी बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।

4. ब्रिटेन अपनी वैश्विक हमले की क्षमता Trident II मिसाइल सिस्टम के जरिए बनाए रखता है, जिसे उसकी परमाणु पनडुब्बियों पर तैनात किया गया है। ये मिसाइलें 12,000 किलोमीटर तक लक्ष्य साध सकती हैं, जिससे दुनिया का अधिकांश हिस्सा ब्रिटेन की मारक सीमा में आ जाता है।

5. फ्रांस के पास भी महत्वपूर्ण क्षमता है। इसकी M51 पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें 10,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक मार कर सकती हैं। इसका रणनीतिक शस्त्रागार फ्रांस को वैश्विक रोकथाम ढांचे में एक अहम खिलाड़ी बनाए रखता है।

सीमित लेकिन उल्लेखनीय क्षमता वाले देश
उत्तर कोरिया ने ऐसी मिसाइलें विकसित की हैं, जो दुनिया के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं, लेकिन उसके पास परमाणु-संचालित पनडुब्बियां नहीं हैं, जिससे पूर्ण वैश्विक कवरेज नहीं मिल पाता।

भारत मिसाइल हमले की क्षमता में दुनिया में सातवें स्थान पर है। भारतीय मिसाइल प्रणालियों की वर्तमान पहुंच वैश्विक नहीं है, लेकिन वे लगभग पूरे एशिया को कवर करती हैं और खासतौर पर चीन से आने वाले क्षेत्रीय खतरों का मुकाबला करने पर केंद्रित हैं।
हाल के वर्षों में भारत ने अपनी मिसाइल रेंज में उल्लेखनीय विस्तार किया है, जो उसकी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पाकिस्तान इस रणनीतिक दौड़ में भारत से काफी पीछे..
भारत का मिसाइल कार्यक्रम तेजी से विकसित हो रहा है, ताकि क्षमता की खाई को पाटा जा सके और रोकथाम की शक्ति को बढ़ाया जा सके। भले ही भारत उन चुनिंदा देशों में नहीं आता, जिनके पास वास्तविक वैश्विक हमले की क्षमता है, लेकिन उसकी बढ़ती मिसाइल पहुंच और तकनीकी प्रगति उसे दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शक्ति के रूप में मजबूती देती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।