युद्धविराम वार्ता के बीच अमेरिका ने ईरान पर किए हमले, होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास बढ़ा तनाव

United States की सेना ने Iran पर होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास कई हमले किए हैं। यह जानकारी United States Central Command (CENTCOM) ने दी। ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब ईरानी अधिकारी अमेरिका और Israel के साथ युद्धविराम पर बातचीत की उम्मीद में Qatar पहुंचे हुए..

युद्धविराम वार्ता के बीच अमेरिका ने ईरान पर किए हमले, होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास बढ़ा तनाव
28-05-2026 - 11:34 AM

United States की सेना ने Iran पर होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास कई हमले किए हैं। यह जानकारी United States Central Command (CENTCOM) ने दी। ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब ईरानी अधिकारी अमेरिका और Israel के साथ युद्धविराम पर बातचीत की उम्मीद में Qatar पहुंचे हुए हैं।

CENTCOM ने दावा किया कि ये हमले “रक्षात्मक” प्रकृति के थे और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए किए गए। अमेरिकी सेना के अनुसार, बमबारी का उद्देश्य ईरानी सैनिकों से अपने बलों को बचाना था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका अब पूरी तरह से इजरायल की “फॉरवर्ड डिफेंस” रणनीति का समर्थन करता दिखाई दे रहा है। यह रणनीति संभावित हमले से पहले सैन्य कार्रवाई को उचित ठहराती है। कानूनी विशेषज्ञ इसे “अवैध और बिना उकसावे वाले हमले” बताते हैं, जबकि इजरायली सैन्य शब्दावली में इसे “रक्षा” के रूप में पेश किया जाता है।

बंदर अब्बास में धमाकों की पुष्टि

अमेरिकी सेना ने यह नहीं बताया कि हमले किन स्थानों पर किए गए, लेकिन ईरानी सेना ने दक्षिणी ईरान के Bandar Abbas में विस्फोटों की पुष्टि की। यह इलाका होरमुज़ जलडमरूमध्य से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है।

ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब Pakistan की मध्यस्थता से लागू अस्थायी युद्धविराम अभी भी प्रभावी बताया जा रहा है। यह युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू है, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका समय-समय पर ईरान पर हमले करता रहा है।

Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 26 मई को दावा किया था कि उसने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया और एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान पर भी जवाबी कार्रवाई की।

ईरानी सूत्रों के अनुसार, बंदर अब्बास पर हुए हमले में IRGC के कई सैनिक मारे गए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने 25 मई को दावा किया था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच युद्धविराम वार्ता में प्रगति हो रही है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने स्थायी शांति समझौते की संभावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिका बोला – हमले जारी रहेंगे

हालांकि ईरान ने हमलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन कई अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कार्रवाई जारी रहेगी।

भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिकी निशानों में होरमुज़ जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाएं और ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स शामिल हैं।

वॉशिंगटन लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री सुरंगें बिछा रहा है। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और गैस परिवहन का प्रमुख रास्ता है। इस मार्ग के बंद होने की आशंका ने वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है।

रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका का लक्ष्य होरमुज़ जलडमरूमध्य को खुलवाना है। उन्होंने कहा कि “चाहे ईरान कुछ भी सोचता हो, यह जलडमरूमध्य किसी न किसी तरीके से खोला जाएगा।”

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कई पोस्ट किए। उन्होंने कहा कि वार्ताएं “अच्छी चल रही हैं”, लेकिन यदि बातचीत रुकती है तो हमले जारी रहेंगे।

ट्रंप ने अमेरिकी गेम शो “Deal or No Deal” का संदर्भ देते हुए लिखा,
यह या तो सभी के लिए एक शानदार समझौता होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा।”

युद्धविराम के बावजूद जारी संघर्ष

अमेरिका और ईरान ने 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में युद्धविराम पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद ईरान में शांति कायम नहीं हो सकी है। बातचीत और तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अमेरिकी हमले भी लगातार जारी हैं।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, जिन्होंने युद्धविराम में मध्यस्थता की थी, फिलहाल चीन दौरे पर हैं और वहां Xi Jinping तथा Li Qiang से मुलाकात कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका कई हफ्तों से चीन पर होरमुज़ जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए दबाव बना रहा है। लेकिन चीन के सहयोग से पीछे हटने के बाद ट्रंप ने चीन की आलोचना की और कहा कि अमेरिका को चीन की मदद की जरूरत नहीं है।

ईरानी नेतृत्व में संचार संकट की आशंका

हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei घायल हैं और छिपे हुए हैं। इससे ईरान के शीर्ष नेतृत्व में गंभीर संचार संकट की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे ईरानी वार्ताकारों को ईरान की कमजोर कमांड संरचना के कारण संदेश पहुंचाने में कठिनाई हो रही है, जिससे युद्धविराम और परमाणु वार्ताओं में देरी हो रही है।

इस बीच Donald Trump लगातार मांग कर रहे हैं कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम बाहर भेजे, जबकि ईरान ने साफ कर दिया है कि वह ऐसा करने को तैयार नहीं है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।