वरुण गांधी की नरेंद्र मोदी से मुलाकात से BJP के साथ रिश्तों में नरमी की अटकलें तेज
दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में मंगलवार को इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि पीलीभीत से पूर्व भाजपा सांसद वरुण गांधी क्या फिर से पार्टी की मुख्यधारा में लौट रहे..
दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में मंगलवार को इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि पीलीभीत से पूर्व भाजपा सांसद वरुण गांधी क्या फिर से पार्टी की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
यह चर्चा उस समय शुरू हुई जब वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी यामिनी रॉय चौधरी और बेटी अनसूया भी मौजूद थीं। बाद में वरुण गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की, जिससे उनके और भाजपा के बीच रिश्तों में संभावित सुधार की अटकलें तेज हो गईं।
2024 में टिकट कटने के बाद हाशिए पर
वरुण गांधी को 2024 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट नहीं दिया गया था, जो परंपरागत रूप से उनकी मां मेनका गांधी का क्षेत्र रहा है।
भाजपा ने उनकी जगह पूर्व कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव जीत भी लिया।
पार्टी से मतभेद की वजहें
टिकट कटने से पहले वरुण गांधी के कई बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी नेतृत्व को नाराज कर चुके थे। उन्होंने..
- लखीमपुर खीरी हिंसा (अक्टूबर 2021) में किसानों की मौत का मुद्दा उठाया
- बेरोजगारी और सरकारी पदों की खाली भर्ती पर सवाल उठाए
- उज्ज्वला योजना और मुफ्त राशन योजना की आलोचना की
उन्होंने यह भी कहा था कि लोगों को मुफ्त राशन नहीं बल्कि रोजगार चाहिए। साथ ही “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” जैसे नारों से लोगों की समस्याएं हल होंगी या नहीं, इस पर भी सवाल उठाया था।
कांग्रेस में जाने की अटकलें भी लगी थीं
उसी दौरान वरुण गांधी को अपने चचेरे भाई राहुल गांधी के साथ केदारनाथ में भी देखा गया था, जिससे उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ।
क्या संकेत देती है यह मुलाकात?
हालिया मुलाकात को राजनीतिक विश्लेषक भाजपा और वरुण गांधी के बीच रिश्तों में संभावित सुधार के संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी या वरुण गांधी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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