"बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा; एनडीए निश्चित रूप से सत्ता से बाहर होगी"- प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को घोषणा की कि वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी के "बड़े हित" को ध्यान में रखते हुए लिया गया ..
पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को घोषणा की कि वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी के "बड़े हित" को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पूर्व चुनाव रणनीतिकार और अब राजनेता प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए यदि सीटों का आंकड़ा 150 से कम रहा, तो इसे हार माना जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर जन सुराज पार्टी बिहार चुनाव जीतती है, तो इसका असर पूरे देश में महसूस किया जाएगा। राष्ट्रीय राजनीति की दिशा ही बदल जाएगी।”
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
किशोर ने कहा, “पार्टी ने तय किया है कि मुझे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसी कारण पार्टी ने राघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार को उतारने का निर्णय लिया है। यह फैसला हमने पार्टी के व्यापक हित में लिया है। अगर मैं खुद चुनाव लड़ता, तो संगठनात्मक काम से ध्यान भटक जाता।”
48 वर्षीय किशोर ने चुनावी संभावनाओं पर कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि या तो हम शानदार जीत दर्ज करेंगे या पूरी तरह हारेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि हमें या तो 10 से कम सीटें मिलेंगी या 150 से अधिक सीटें , बीच का कोई रास्ता नहीं है।”
जब उनसे पूछा गया कि यदि विधानसभा में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला तो उनकी पार्टी एनडीए या इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) में से किसे समर्थन देगी, तो किशोर ने कहा कि ऐसा "त्रिशंकु जनादेश" संभव ही नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, “150 से कम सीटें — चाहे वह 120 हों या 130 — मेरे लिए हार के समान हैं। अगर हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो बिहार को देश के शीर्ष 10 विकसित राज्यों में शामिल करने का जनादेश मिलेगा। अगर हमें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, तो इसका मतलब होगा कि जनता ने हम पर पूरा भरोसा नहीं किया, और हमें ‘समाज और सड़क की राजनीति’ (grassroots politics) को जारी रखना होगा।”
"नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे"
किशोर ने एक बार फिर राजनीतिक विश्लेषक की भूमिका में लौटते हुए भविष्यवाणी की कि बिहार में एनडीए की हार तय है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन की सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन में असमर्थता, उसके पतन का संकेत है।
उन्होंने कहा, “एनडीए निश्चित रूप से सत्ता से बाहर हो रही है और नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री के रूप में वापसी नहीं करेंगे।”
जनता दल (यू) प्रमुख नीतीश कुमार के साथ कभी करीबी से काम कर चुके किशोर ने कहा कि पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। किशोर ने याद किया कि “पिछले विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने चुनाव से ठीक पहले बगावत कर दी थी और जेडीयू के उम्मीदवारों के खिलाफ कई प्रत्याशी उतारे थे, जिसके कारण जेडीयू की सीटें घटकर 43 रह गई थीं।”
उन्होंने दावा किया कि इस बार एनडीए में पूरी तरह अव्यवस्था है। उन्होंने कहा, “अब तक यह भी साफ नहीं है कि भाजपा किन सीटों पर लड़ेगी और जेडीयू किन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारेगी,” उन्होंने कहा।
किशोर ने यह भी जोड़ा, “इंडि गठबंधन (INDIA Bloc) की स्थिति भी बेहतर नहीं है। राजद और कांग्रेस के बीच लगातार खींचतान जारी है। और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) अभी भी उनके साथ है या नहीं।”
What's Your Reaction?