गलत तथ्य या ‘शुद्ध व्यंग्य’? झारखंड मंत्री के बयान से मचा बवाल
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफे की मांग कर बैठे झारखंड के एक मंत्री को अब अपने बयान पर चौतरफा आलोचना ..
रांची। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफे की मांग कर बैठे झारखंड के एक मंत्री को अब अपने बयान पर चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने शुक्रवार को सफाई दी कि उनका यह बयान "पूरी तरह व्यंग्यात्मक" था।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उनकी मंशा "किसी त्रासदी का राजनीतिकरण" करने की नहीं थी, जैसा कि उनके आलोचकों ने आरोप लगाया है, बल्कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में सुरक्षा मामलों को लेकर बरती जा रही उदासीनता की आलोचना करना था।
उन्होंने कहा, "तो फिर जम्मू-कश्मीर के अलावा किसी अन्य राज्य के कांग्रेस मुख्यमंत्री को 'नैतिक आधार' पर इस्तीफा क्यों देना चाहिए? यही तो विडंबना है! जब सरकार में बैठे लोग चुप्पी साधे रहते हैं, तब मैंने एक असंबंधित पदाधिकारी से प्रतीकात्मक रूप से इस्तीफे की बात कही... मेरा बयान देश के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा चूकों पर लगातार बनी चुप्पी को उजागर करने के लिए था।"
हालांकि, सुदिव्य का यह "व्यंग्य" उन्हीं पर उल्टा पड़ता दिख रहा है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे "गैर-जिम्मेदाराना और निराधार बयान" करार दिया है, खासकर ऐसे वक्त में जब सभी राजनीतिक दलों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमले पर केंद्र सरकार के साथ खड़े होने की अपेक्षा की जाती है।
झारखंड के पर्यटन मंत्री को पता हीं नहीं कि पहलगाम किस राज्य में है।
खुद इंडी गठबंधन के साथ है और इंडी गठबंधन के CM से हीं मांग रहे इस्तीफा।#PahalgamTerroristAttack #PahalgamTerrorAttack #pahalgamattack pic.twitter.com/aSdomFKlDF — Vinayak Chaturvedi (@Vinayak181002) April 26, 2025
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा, "सुदिव्य को झारखंड को शर्मिंदा करना बंद करना चाहिए... उन्होंने अपनी गलती पर शर्मिंदा होने के बजाय और भी विवादास्पद बयान दे दिए हैं।"
भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि सुदिव्य कुमार इन दिनों अजीबोगरीब बयान देने के लिए कुख्यात हो गए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "एक समय में सुदिव्य को गंभीर राजनीतिक दृष्टिकोण वाला माना जाता था, लेकिन अब उनके बयानों में स्पष्टता की कमी दिख रही है, संभवतः कुछ विवादित लोगों की संगत का असर है। उन्हें बुनियादी तथ्यों को लेकर भ्रम है जैसे कि महबूबा मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री कहना, जो गंभीर चिंता का विषय है।"
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