ब्रह्मोस के बाद अब तेजस फाइटर जेट खरीदेगा फिलीपीन्स! भारत ने दिया अभूतपूर्व ऑफर, टेंशन में चीन

<p><em>भारत ने चीन के खतरे से जूझ रहे फिलीपीन्स को तेजस फाइटर जेट के नौसैनिक संस्करण का ऑफर दिया है। यह तेजस फाइटर जेट ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा। भारत ने इस विमान को फिलीपीन्स के अंदर ही बनाने का ऑफर दिया है। ऐसे में अब इस डील की संभावना बढ़ गई है।</em></p>

ब्रह्मोस के बाद अब तेजस फाइटर जेट खरीदेगा फिलीपीन्स! भारत ने दिया अभूतपूर्व ऑफर, टेंशन में चीन
22-02-2024 - 11:33 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चीन की दादागिरी से परेशान फिलीपीन्स ब्रह्मोस मिसाइल के बाद अब भारत से तेजस फाइटर जेट का अत्याधुनिक संस्करण खरीद सकता है। तेजस बनाने वाली भारत की सरकार कंपनी एचएएल ने फिलीपीन्स को एलसीए तेजस एमके 1 नौसैनिक संस्करण का ऑफर दिया है। 
भारत ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए फिलीपीन्स को अपने देश में ही इन फाइटर जेट को बनाने का प्रस्ताव दिया है। यह ठीक उसी तरह से है जैसे दक्षिण कोरिया इन दिनों दे रहा है। यह ऑफर अगर फिलीपीन्स स्वीकार कर लेता है तो भारत के रक्षा निर्यात में क्रांति आ सकती है। एचएएल अभी भारतीय वायुसेना को तेजस एमके 1 ए की सप्लाई पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि यह तेजस फाइटर जेट ब्रह्मोस के हवाई संस्करण से लैस होगा।

फिलीपीन्स की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने फिलीपीन एयरोस्पेस डेवलपमेंट कॉर्प में तेजस मार्क 1 को स्थानीय रूप से असेंबल करने की पेशकश की है। इसके अलावा, फिलीपींस को भारत ने अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में मदद करने के लिए सॉफ्ट लोन देने की इच्छा भी जताई है। 
बता दें कि दक्षिण कोरिया के रक्षा निर्यात में 140 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वह स्थानीयकरण को अपने रक्षा निर्यात से जोड़ता है। दक्षिण कोरियाई कंपनियां न केवल अपने ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार उपकरणों को बनाती हैं बल्कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करती हैं और स्थानीय उत्पादन सुविधाएं भी स्थापित करती हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा तेजस फाइटर
एचएएल अपने सैन्य हार्डवेयर का निर्यात करने के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने का प्रयास कर रहा है। भारत के लिए रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए यह क्षेत्र बहुत महत्व रखता है। साल 2022 में, एचएएल ने पूरे दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र को देखने के लिए मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एक दूसरा कार्यालय स्थापित किया है। भारतीय कंपनी रूसी हथियार रखने वाले देशों को रखरखाव और मरम्मत सेवाएं भी प्रदान कर रही है। हालांकि एचएएल ने अभी तक अपना पहला सौदा हासिल नहीं किया है, लेकिन स्थानीय असेंबली की संभावना दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को आकर्षित कर सकती है जो चीन के प्रभाव का मुकाबला करना चाहते हैं।
पिछले साल विक्रांत पर की थी लैंडिंग
फिलीपीन्स की मीडिया ब्रह्मोस एनजी से लैस तेजस के नौसैनिक संस्करण पर चर्चा कर रही है। यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक चरण में बताया जा रहा है। अभी किसी देश ने इसकी पुष्टि नहीं की है। एलसीए के नौसैनिक संस्करण ने 6 फरवरी, 2023 को देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर अपनी पहली लैंडिंग की थी। जनवरी 2020 में, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने आईएनएस विक्रमादित्य पर नौसैनिक एलसीए की एक सफल लैंडिंग का प्रदर्शन किया था। इसके बाद, तेजस ने पांच दिनों में 18 टेक-ऑफ और लैंडिंग किए। पहला एलसीए ‘तेजस’ एमके1ए इस महीने के अंत तक आसमान में उड़ान भरेगा। इसके तुरंत बाद इसे भारतीय वायु सेना को सौंप दिया जाएगा। यह ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा जिससे उसकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।