चांद और सूरज के बाद अब सारा आकाश... गगनयान की तैयारी में इसरो
<p><em><strong>गगनयान अंतरिक्ष में इसरो का पहला मानव मिशन होगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के इस पहले मानव मिशन के तहत 3 लोगों के दल को अंतरिक्ष में 400 किलोमीटर (250 मील) की कक्षा में लॉन्च करने की योजना है, जहां वे तीन दिनों तक रुकेंगे।</strong></em></p>
चांद के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र पर चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन का सफलतापूर्वक आगाज किया। इसरो का आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान सूर्य की ओर 125 दिन की अपनी यात्रा पर रवाना हो चुका है। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अब अपने अगले मिशन की तैयारियों में जुट गई है और वह है, पहले मानव मिशन गगनयान का प्रक्षेपण। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को आदित्य एल-1 मिशन के लिए इसरो को बधाई देते हुए इस नए मिशन को लेकर बड़ी जानकारी दी।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘यह भारत के लिए एक सुखद क्षण है। और दूसरी बात, चंद्रयान की तरह यहां भी पूरा देश इससे (आदित्य एल 1 मिशन से) जुड़ा हुआ था। और यह संभव हो पाया है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीहरिकोटा के द्वार खोल दिए हैं। उन्होंने इन सभी हितधारकों को एक साथ लाया है, उन्हें एहसास कराया है कि यह मिशन पूरे भारत का है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘अब, मुझे लगता है, गगनयान की पहली परीक्षण उड़ान होगी, जो अक्टूबर के महीने में हो सकती है। यानी अगले महीने ही।’
अंतरिक्ष में इसरो का पहला मानव मिशन
गगनयान अंतरिक्ष में इसरो का पहला मानव मिशन है। इसरो के इस पहले मानव मिशन के तहत 3 लोगों के दल को 400 किमी (250 मील) की कक्षा में लॉन्च करने की योजना है, जहां वे तीन दिनों तक रुकेंगे। इसरो ने कहा है कि उसके विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने क्रू मॉड्यूल को स्थिर करने और पुनः प्रवेश के दौरान इसके वेग को सुरक्षित रूप से कम करने के लिए सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है।
लगभग 90.23 अरब रुपये आवंटित किए
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि गगनयान मिशन के लिए लगभग 90.23 अरब रुपये (1.08 अरब डॉलर) आवंटित किए गए हैं। इसरो का कहना है कि गगनयान मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद वह अंतरिक्ष में निरंतर मानव उपस्थिति हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसरो ने आधिकारिक तौर पर गगनयान के लॉन्चिंग की तारीख घोषित नहीं की है, हालांकि एजेंसी ने पहले ही कहा था कि यह मिशन 2023 के अंत तक तैयार हो जाएगा।
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