बंगाल में कैश कांडः हेमंत सरकार पर खतरा टला या बड़ी सियासी आफत ?
NULL
झारखंड के तीन कांग्रेसी विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को शनिवार, 30 जुलाई देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा हावड़ा से भारी कैश के साथ पकड़े जाने के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिल गयी है और फिलहाल गठबंधन सरकार पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। लेकिन यह संकट के बादल कितने दिनों के लिए छंटे हैं या आने वाले समय में इसका स्वरूप क्या होगा, इसका असर जल्द ही देखने को मिलेगा।
दरअसल, राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा पिछले वर्ष भी हेमंत सोरेन सरकार के अस्थिर होने की संभावना जतायी जा रही थी लेकिन जुलाई महीने में कांग्रेस विधायक अनूप सिंह उर्फ जयमंगल सिंह द्वारा हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की शिकायत किये जाने के बाद जब इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला समेत अन्य विधायकों की गतिविधियों पर सवाल उठे, तो ये कांग्रेसी विधायक बचाव की मुद्रा में आ गये। वहीं अक्टूबर में जेएमएम विधायक रामदास सोरेन की ओर से भी इसी तरह की एक अन्य प्राथमिकी धुर्वा थाने में दर्ज करायी गयी, जिसने असंतुष्ट विधायकों की सारी रणनीति को ध्वस्त कर दिया। इस मामले के सामने आने के बाद कुछ दिनों तक ये नाराज विधायक अपनी साख बचाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस आलाकमान के समक्ष अपनी स्थिति को मजबूत करने के प्रयास में जुटे रहे।
सीएम हेमंत सोरेन को बड़ी राहत !
वहीं, शनिवार को जब तीनों कांग्रेसी विधायक कैश के साथ पकड़े गये, तो भले ही उनका राजनीतिक भविष्य दांव पर लग गया है लेकिन इस घटनाक्रम से सीएम हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है और कुछ दिनों के लिए हेमंत सरकार फिर से सेफ मोड में आ गई है।
What's Your Reaction?