केवल नाम और पेशे से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से भगवान कहलाते हैं डॉक्टर..!
लोगों अक्सर यह कहते हुए मिल जाते हैं कि उपचार से अधिक डॉक्टर का व्यवहार मरीज को ठीक कर देता है लेकिन आज के समय में आमतौर पर यह शिकायत भी सुनने को मिलती है कि फलां डॉक्टर तो बहुत बड़ा है किंतु उसके पास टाइम नहीं है। बड़े डॉक्टर आमजन के लिए सहज ही कहां उपलब्ध हो पाते हैं। लेकिन, कुछ डॉक्टर ऐसे होते हैं जो अपने पेशे के लिए जी-जान लगा देते हैं और उनका व्यवहार अन्य डॉक्टरों के लिए ही नहीं आमजन के लिए उदाहरण बन जाता है। ऐसी ही एक मिसाल बेंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल में डॉक्टर गोविंद नंदकुमार के बारे में सुनने को मिली।
ये डॉक्टर साहब गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के सर्जन हैं और उन्हें 30 अगस्त को एक मरीज के पित्ताशय की थैली की सर्जरी के लिए अस्पताल पहुंचना था। समय निर्धारित हो चुका था लेकिन जब वे कार से अस्पताल जा रहे थे तो सरजापुर-मराठाहल्ली खंड में वे भारी बरसात के लिए हुए ट्रैफिक जाम में फंस गए। कोई और डॉक्टर होता तो ट्रैफिक जाम में फंसे होने की वजह से वह सर्जरी रद्द कर देता लेकिन इन डॉक्टर साहब ने ऐसा नहीं किया बल्कि उन्होंने तो कार छोड़कर ट्रैफिक के बीच ही दौड़ लगा दी।
डॉक्टर गोविंद नंदकुमार के दिमाग में केवल यह था कि उस दिन उनका पहला मरीज सर्जरी के लिए तैयार था और उसकी सर्जरी के बाद कुछ अन्य मरीज भी उनका ही इंतजार कर रहे थे। अस्पताल 3 किलोमीटर दूर था। उन्होंने सोचा इतना तो पैरों पर चलकर भी पहुंचा जा सकता है तो उन्होंने अस्पताल तक की दूरी भारी बरसात और ट्रैफिक के बीच 45 मिनट में पार कर ली।
नंदकुमार ने बताया, "मुझे कनिंघम रोड से सरजापुर के मणिपाल अस्पताल पहुंचना था। भारी बारिश और जलभराव के कारण, अस्पताल से कुछ किलोमीटर आगे यातायात का पूरी तरह से ठप था। यातायात सुगम होने का कोई संकेत न मिलने पर, मैं अपनी कार से बाहर निकला और अपने मरीज को देखने के लिए अस्पताल पहुंचने तक लगभग 45 मिनट तक दौड़ लगाई। उन्होंने कहा कि मैं ट्रैफिक खत्म होने के इंतजार में और समय बर्बाद नहीं करना चाहता था क्योंकि मेरे मरीजों को सर्जरी खत्म होने तक भोजन करने की इजाजत नहीं है। मैं उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं कराना चाहता था।"
उल्लेखनीय है कि मणिपाल अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सर्जन डॉ. गोविंद नंदकुमार 18 वर्षों से सर्जरी कर रहे हैं और अब तक 1,000 से ज्यादा मरीजों के की सर्जरी कर चुके हैं। वे पाचन तंत्र की सर्जिकल परेशानियों से निपटने में विशेषज्ञ हैं। वे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से ट्यूमर और क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने से संबंधित सर्जरी करने में स्पेशलिस्ट माने जाते हैं।
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