राजस्थान में फसल खराबे पर सरकार हुई एक्टिवः सीएस उषा शर्मा के निर्देश, विशेष गिरदावरी का कार्य जल्द से जल्द करवाया जाए
<p><em><strong>मावठ के साथ गिरे ओलों ने राजस्थान में किसानों की फसलों में तबाही मचा दी है। रबी की फसलों को पाला, शीतलहर और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जल्द जायजा लेकर किसानों को राहत देने की तैयारी चल रही है।</strong></em></p>
राजस्थान में शीतलहर, पाला, असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से हुए फसल खराबे को देखते हुए सरकार हरकत में आ गई है। विधानसभा के बजट सत्र के चलते सरकार विपक्ष को इस मामले में कोई मौका नहीं देना चाहती, लिहाजा युद्धस्तर पर किसानों को राहत पहुंचाने की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए विशेष गिरदावरी का कार्य अविलम्ब रूप से सम्पन्न करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि काश्तकारों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक एवं संवेदनशीलता के साथ यह कार्य सम्पादित किया जाए ताकि किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके।
मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में फसल खराबे के सम्बन्ध में वीसी के माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थी। मुख्य सचिव ने कहा कि पाला, शीतलहर एवं ओलावृष्टि से काश्तकारों की मेहनत पर पानी फिर गया है। अधिकारी-कर्मचारी मामले की गंभीरता और किसानों की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए इस सम्बन्ध में राजस्व विभाग के 17 जनवरी, 2023 को जारी आदेश के अनुसार तत्काल कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि फसल खराबे का सही आकलन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने सप्ताह के अंत तक गिरदावरी रिपोर्ट भिजवाने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
शर्मा ने कहा कि सम्बन्धित पटवारी मौके पर उपस्थित होकर यह कार्य सम्पादित करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्यवाही की जाए। साथ ही, काश्तकारों को भी विशेष गिरदावरी की पूर्व सूचना दी जाए। उन्होंने जिला कलेक्टर्स से कहा कि गिरदावरी का निरीक्षण भू-अभिलेख निरीक्षक, तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी द्वारा करने के निर्देश जारी करें। मुख्य सचिव ने सभी फसल कटाई प्रयोग सीसीई एप के जरिए ऑनलाइन सम्पादित करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग दिनेश कुमार, कृषि आयुक्त कानाराम एवं विशिष्ट सचिव, राजस्व विभाग विश्व मोहन शर्मा उपस्थित रहे। शासन सचिव, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग पी.सी. किशन सहित सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एवं संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े।
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