सरकार की बल्ले-बल्ले: डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में दिखी बुलेट की रफ्तार
<p><em><strong>इस बार डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.87 फीसदी बढ़कर 4.75 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। टैक्स कलेक्शन बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है और यह इसका संकेत होता है। </strong></em></p>
चालू वित्त वर्ष में देश का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बड़ा इजाफा हुआ है। इस बार डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.87 फीसदी बढ़कर 4.75 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। टैक्स कलेक्शन बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है और यह इसका संकेत होता है।
इनकम टैक्स विभाग ने दी जानकारी
आयकर विभाग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक प्रत्यक्ष कर संग्रह कुल बजट अनुमान के 26.05 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इसमें आयकर और कंपनी कर शामिल हैं। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन और नेट रिफंड 4.75 लाख करोड़ रुपये रहा है जोकि इसी अवधि के शुद्ध संग्रह से 15.87 फीसदी अधिक है। यह संग्रह वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर के कुल बजट अनुमान का 26.05 फीसदी है।
मंत्रालय ने जारी किए 42,000 करोड़ के रिफंड
कर वापसी के बाद प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.75 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल इसी अवधि में शुद्ध कर संग्रह के मुकाबले 15.87 प्रतिशत अधिक है। मंत्रालय के अनुसार इस साल एक अप्रैल से नौ जुलाई के दौरान 42,000 करोड़ रुपये के ‘रिफंड’ जारी किये गये हैं। यह पिछले साल इसी अवधि में हुई कर वापसी के मुकाबले 2.55 प्रतिशत अधिक है।
कितना रहा आंकड़ा?
सकल रूप से प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.65 प्रतिशत बढ़कर 5.17 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2022-23 के 16.61 करोड़ रुपये के मुकाबले 9.75 प्रतिशत अधिक है। इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स से एसेसमेट ईयर 20232-4 के लिए 31 जुलाई 2023 से पहले आयकर रिटर्न भरने का अनुरोध किया है।
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