पैसों के लिए हमास ही फिलिस्तीनियों को मार रहा... हमास लीडर के बेटे का आरोप
<p><em><strong>हमास के फाउंडिंग मेंबर शेख हसन यूसुफ के बेटे मोसाब हसन यूसुफ का यह वीडियो इजराइली सेना ने जारी किया है।</strong></em></p>
इजराइल की सेना ने बुधवार को हमास लीडर के बेटे का एक वीडियो जारी किया। इसमें वह कह रहा है कि फिलिस्तीनियों की मौत के लिए इजराइल जिम्मेदार नहीं है। हमास ही पैसों के लिए फिलिस्तीनी नागरिकों- महिलाओं और बच्चों को मार देता है। इजराइल डिफेंस फोर्स ने हमास के फाउंडिंग मेंबर शेख हसन यूसुफ के बेटे मोसाब हसन यूसुफ का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है। इसके साथ लिखा है- हमास के आतंक में पला-बढ़ा, वहां से जान बचाकर भागा हमास लीडर का बेटा हमास की सच्चाई बता रहा है।
यही उनका असली गेम है
वीडियो में मोसाब हसन ने कहा- हमास बार-बार जंग की शुरुआत करता है। जब भी उन्हें पैसों की जरूरत होती है, वे बच्चों का खून बहाते हैं। वे अपनी ताकत बढ़ाने और पॉलिटिकल हितों के लिए ऐसा करते हैं। यही उनका गेम है।
अस्पताल पर हमास का राॅकेट गिरा था
मोसाब ने कहा- उनकी तरफ से दागा गया रॉकेट मिसफायर हुआ, अस्पताल में पनाह लिए सैकड़ों लोग मारे गए। उन्होंने इजराइल पर आरोप लगाए, लेकिन इसके लिए इजराइल जिम्मेदार नहीं है। इन क्रिमिनल्स ने फिलिस्तीनी सोसाइटी को हाईजैक कर लिया है। जो भी इन्हें सपोर्ट कर रहा है उनके अपराधों का भागीदार है। हमास का मकसद फिलिस्तीन देश को बनाना नहीं बल्कि इजराइल को खत्म करना है।
अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर हमला हुआ था
वीडियो में मोसाब हसन जिस अस्पताल की बात कह रहा है वह गाजा सिटी का अहली अरब हॉस्पिटल है। यहां 17 अक्टूबर को रॉकेट से हमला हुआ था। 500 लोगों की मौत का दावा किया गया। हमास और इजराइल ने एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए। इजराइल ने कहा- फिलिस्तीन के विद्रोही संगठन का रॉकेट मिसफायर हुआ।
हमास लड़ाकों का ऑडियो सामने आया था
इजराइली सेना ने एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग रिलीज की थी। इसमें दो हमास ऑपरेटिव अस्पताल पर हमले को लेकर बात कर रहे थे। इसमें वे कह रहे थे कि फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद संगठन ने करीब 10 रॉकेट अस्पताल के पास बने कब्रिस्तान से दागे। इनमें से एक मिसफायर हो गया। ऑडियो क्लिप में एक हमास ऑपरेटिव दूसरे से कहता है- यह हमारी तरफ से दागे गए रॉकेट से हुआ है? जवाब में दूसरा ऑपरेटिव कहता है- लगता तो ऐसा ही है, क्योंकि रॉकेट के जो टुकड़े मिले हैं वे इजराइली मिलिट्री के नहीं हैं।
7 अक्टूबर को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग अब भी जारी
हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला कर दिया था। करीब 2500 लड़ाके सीमा पर लगे तारों को तोड़ते हुए इजराइल में घुस गए थे। हमास ने उस दिन इजराइल पर 5 हजार रॉकेट दागने का दावा किया। हमले के कुछ ही देर बाद इजराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। लिहाजा 26 दिन बाद भी यह जंग जारी है। अब 1400 से ज्यादा इजराइलियों की मौत हो चुकी है। 8 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी भी मारे गए हैं।
What's Your Reaction?