हरियाणा में हाईवे जाम: लाठियां लेकर बैठे किसान, ट्रैक्टर खड़े किए
<p><em><strong>हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों और सरकार में बातचीत विफल होने के बाद उन्होंने जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे-44 पर पिपली के पास जाम लगा दिया है। </strong></em></p>
किसान नेताओं की रिहाई और सूरजमुखी पर एमएसपी की मांग को लेकर किसान फ्लाईओवर और सर्विस रोड बंदकर लाठियां लेकर हाईवे पर बैठ गए हैं। हाईवे के ऊपर ट्रैक्टर खड़े कर दिए गए हैं। पुलिस ने जाम के चलते वाहनों के रूट डायवर्ट किए हैं। मंगलवार सुबह दोबारा किसानों की मीटिंग होगी। हालांकि उन्होंने रात 10 बजे तक का सरकार को अल्टीमेटम दिया हुआ है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा-‘पीपली अनाज मंडी में महापंचायत में फैसला लिया गया कि हम अपनी मांगंे माने जाने तक हाईवे को बंद रखेंगे। अतः सभी प्रदेशों की इकाई अग्रिम सूचना तक कुरूक्षेत्र पर नजर बनाए रखें और अगले आदेश का इंतजार करें, सरकार की यह दमनकारी नीति देश का अन्नदाता बर्दाश्त नहीं करेगा।’
राकेश टिकैत की अगुवाई में बैठक
जाम को लेकर राकेश टिकैत की अगुवाई में किसान नेताओं की मीटिंग हुई। इसके बाद टिकैत ने कहा कि किसान नेताओं की रिहाई और सूरजमुखी पर एमएसपी मिलने तक हाईवे जाम रहेगा। इससे पहले किसान नेताओं ने कहा कि 2 बार प्रशासन से बातचीत हुई है। साफ है कि सरकार पूरे मामले को लेकर गंभीर नहीं है। इसलिए लाठी-डंडे पड़ें या जेल भेजें, अब हाईवे जाम किया जाएगा।
आधा दर्जन राज्यों के किसान आए
किसानों की सूरजमुखी को लेकर ‘एमएसपी दिलाओ-किसान बचाओ रैली’ हुई। इसमें हरियाणा के अलावा राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और यूपी से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे। किसान सूरजमुखी पर एमएसपी और किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी व दूसरे नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद
हरियाणा सरकार ने ऐलान किया था कि वह सूरजमुखी को भावांतर योजना के तहत खरीद करेगी, जिसमें मार्केट रेट पर खरीद में हुए नुकसान की भरपाई सरकार करती है। मगर, किसान एमएसपी पर खरीद की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर सरकार से वार्ता हुई, लेकिन वह विफल रही। इसके बाद 6 जून को किसानों ने जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे को जाम कर दिया।
किसानों पर किया लाठीचार्ज
इस बीच पुलिस हाईकोर्ट के ऑर्डर लाई और 15 मिनट में जाम खोलने को कहा। किसान नहीं माने तो पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी समेत अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान किसानों की तरफ से भी पत्थरबाजी करने के आरोप लगे। हालांकि पुलिस देर शाम हाईवे खुलवाने में कामयाब रही।
हिरासत में लेने पर भड़के
नेताओं को हिरासत में लेने के बाद किसान भड़क गए। 7 जून को पूरे हरियाणा में सड़कें जाम करने का ऐलान कर दिया गया। ऐलान के मुताबिक किसानों ने रोड जाम कर दिए। टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। इस दिन भी कई किसान हिरासत में लिए, लेकिन शाम को वो छोड़ दिए थे। रोहतक में किसानों और पुलिस में झड़प हुई थी।
जमानत लेने से किया इनकार
इसी दिन गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत 9 किसान नेताओं को पुलिस ने कुरुक्षेत्र जिला कोर्ट में पेश किया। अदालत में सभी ने जमानत लेने से मना कर दिया। इसके बाद सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद कुरुक्षेत्र के शाहबाद में किसान नेताओं की रिहाई और एमएसपी को लेकर पंचायत हुई। जिसमें किसान संगठनों ने 12 जून को पिपली में महापंचायत का फैसला लिया।
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