इमरान को तोशाखाना केस में 3 साल जेल: 5 साल चुनाव नहीं लड़ पाएंगे पूर्व पाक पीएम

<p><em><strong>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। लाहौर पुलिस ने पीटीआई चेयरमैन को उनके जमान पार्क स्थित घर से अरेस्ट किया। इसके बाद उन्हें इस्लामाबाद लाया जा रहा है। इस्लामाबाद की ट्रायल कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई है। साथ ही, अगले 5 साल तक वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। कोर्ट ने पूर्व पाकिस्तानी पीएम पर एक लाख पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना भी लगाया है।</strong></em></p>

इमरान को तोशाखाना केस में 3 साल जेल: 5 साल चुनाव नहीं लड़ पाएंगे पूर्व पाक पीएम
06-08-2023 - 11:51 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

इमरान की पार्टी पीटीआई के मुताबिक, खान को लाहौर की कोट लखपत जेल ले जाया गया है। फैसले के वक्त कोर्ट ने कहा- पीटीआई चेयरमैन इमरान ने तोशाखाना मामले में पाकिस्तान के चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी थी। वो भ्रष्टाचार में लिप्त थे। अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद 12ः30 बजे तक फैसला रिजर्व कर लिया था।
इमरान खान ने कहा- मैं देश के लिए संघर्ष कर रहा
इमरान खान ने गिरफ्तारी के बाद अपना एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें खान ने बताया है कि उन्हें गिरफ्तारी की पहले से ही जानकारी थी। इसलिए उन्होंने वीडियो को पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था। खान ने कहा है कि वो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
चुप नहीं बैठें समर्थक
खान ने अपने समर्थकों से कहा- मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि आप चुप नहीं बैठें। जो संघर्ष मैं कर रहा हूं वो मेरे लिए नहीं है। ये देश के लिए है। आप के बच्चों के भविष्य के लिए है। खान ने कहा कि अगर आप अपने हकों के लिए नहीं खड़े होंगे तो आप गुलामी की जिंदगी जीएंगे।
लाहौर हाईकोर्ट पहुंची इमरान की पार्टी
इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ पार्टी ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। तहरीक-ए-इंसाफ के नेता उमर खान नियाजी ने लाहौर हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दायर याचिका में आईजी पाकिस्तान के पंजाब, सीसीपीओ लाहौर और अन्य को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा है कि इमरान खान को पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में लिया था। साथ ही, कहा कि इमरान खान का अपहरण किया गया है। फैसला आने से पहले खान ने मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन दोनों ही अदालतों ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी होने से पहले वो इसमें दखल नहीं देंगे।
पत्नी बुशरा भी आरोपी
तोशाखाना केस दो तरह से चल रहा है। इसमें इमरान की सुनवाई अदालत में हो रही है। इसके अलावा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एंटी करप्शन एजेंसी पूछताछ के लिए बुला रही है, क्योंकि तोशाखाना के करोड़ों रुपए के तोहफे बुशरा ने ही बेचने के लिए दिए थे। बुशरा बीबी को भी जांच एजेंसी के सामने पेश होना है। अब तक कुल 13 बार बुशरा को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिए नोटिस दिया है, लेकिन वो एक भी बार पेश नहीं हुईं। इसके बाद जांच एजेंसी ने अखबारों में एक इश्तिहार निकलवाया और कहा कि अगर बुशरा बीबी पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा।
पत्नी का सियासत से ताल्लुक नहीं
इसके बाद इमरान ने एक पिटीशन लाहौर हाईकोर्ट में दायर की थी। कहा- मेरी पत्नी घरेलू महिला हैं और उनका सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है। लिहाजा, उन्हें पूछताछ से राहत दी जाए। दूसरी तरफ, इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान के खिलाफ बेहद पुख्ता सबूत हैं और यही वजह है कि वो किसी न किसी बहाने से सुनवाई को लंबे वक्त तक लटकाना चाहते हैं।
अब तोशाखाना केस को तफ्सील से समझिए
चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में, खुलासा हुआ कि यह रकम 20 करोड़ से ज्यादा थी।
दो साल पहले मांगी थी सूचना
करीब दो साल पहले अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की थी। कहा- इमरान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान से पूछा था- आप तोहफों की जानकारी क्यों नहीं देते? इस पर खान के वकील का जवाब था- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। दूसरे देशों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।
तोशाखाना का नियम क्या है
पाकिस्तान की पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है।
तोहफे की अनुमानित कीमत अगर 10 हजार से ज्यादा है तो 20 फीसदी कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होती है।
इमरान ने यहां भी खेल कर दिया। 2 करोड़ का तोहफा कहीं 5 लाख तो कहीं 7 लाख का बता दिया। इसी कीमत पर इन्हें खरीदा और फिर ओरिजिनल कीमत से भी कई गुना ज्यादा पर बेच दिया। यह काम जुल्फी बुखारी और बुशरा बीबी की दोस्त फराह खान उर्फ फराह गोगी ने किया था।
एक और खास बात यह है कि फराह गोगी उसी दिन (10 अप्रैल 2022) पाकिस्तान से एक प्राइवेट जेट से फरार होकर दुबई पहुंच गई थीं, जिस दिन इमरान खान की सरकार गिरी थी।
अल-कादिर ट्रस्ट केस में गिरफ्तार हो चुके हैं इमरान

इमरान को 9 मई को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बायोमेट्रिक रूम से नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के वारंट पर पैरामिलिट्री फोर्स ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को कानूनन सही ठहराते हुए उनको 8 दिन के फिजिकल रिमांड पर सौंप दिया।
कैबिनेट से भी इस मामले को छिपाया
खान की गिरफ्तारी अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम में की गई थी। सरकार का आरोप था कि यह 60 अरब पाकिस्तानी रुपए का घोटाला है। इनमें से 40 अरब तो ब्रिटिश सरकार ने पाकिस्तान को दिए थे। इमरान तब प्रधानमंत्री थे, उन्होंने कैबिनेट से भी इस मामले को छिपा लिया था। गिरफ्तारी के बाद पूरे देश में समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, सेना के ऑफिस समेत कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई। सुरक्षाबलों के साथ झड़प में 8 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।