आसान नहीं है किसिंग सीन की शूटिंग: मेकर्स करते हैं अजीब जुगाड़, कद्दू-लौकी तक नहीं छोड़ते

<p>दौर बदल चुका हैं, ऐसे में फिल्मों में दिखाए जाने वाली सीन्स उनकी कहानी में भी काफी कुछ बदलाव आ चुके है। अब बदलती पीढ़ी के साथ ही फिल्मों में बोल्ड सीन्स को भी जगह दी जाने लगी हैं।</p>

आसान नहीं है किसिंग सीन की शूटिंग: मेकर्स करते हैं अजीब जुगाड़, कद्दू-लौकी तक नहीं छोड़ते
06-08-2023 - 11:45 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

अब कम से कम फिल्में ही ऐसी आती है जहां कोई किसिंग सीन या कोई बोल्ड सीन न हो। और उसका नतीजा भी देखने को मिलता हैं। ऐसी फिल्मों को लोग कमतर ही देखना पसंद करते हैं जिसमे कोई बोल्ड सीन ना हो। ऐसे में एक्टर-एक्ट्रेस पर इस बात का सबसे ज्यादा दबाव रहता हैं, क्योंकि उन्हे ये सीन शूट करने में काफी असहजता का सामना करना पड़ता है। इसके कारण कई एक्ट्रेस और एक्टर ऐसे सीन शूट करने से मना कर देते हैं।
मेकर्स लगाते हैं तिकड़म
ऐसे मौकों पर मेकर्स को ही तिकड़म लगा कर इन सीन्स को शूट करना होता है। ऐसे में मेकर्स कई बार बॉडी डबल का सहारा लेते है, जिसमे शीशा लगाकर ऐसे सीन्स को शूट किया जाता हैं। जिससे देखने में यही लगता हैं कि वे एक-दूसरे को किस कर रहे हैं। इसके अलावा इल्यूशन के जरिए भी ऐसे सीन्स शूट किए जाते हैं। जहां ग्रीन क्रोमा का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में एक्टर्स का एक-दूसरे को किस करना या हग करना जैसे सीन्स को सिनेमॅटोग्राफी के जरिए बनाया जाता है।
क्रोमा शॉट्स के लिए कई बार लोकी कद्दू
वहीं, क्रोमा शॉट्स के लिए कई बार लोकी कद्दू जैसी सब्जी का भी इस्तेमाल किया जाता हैं। ऐसे में एडिटिंग के समय लौकी कद्दू के हरे रंग के होने के कारण उन्हे चेंज कर दिया जाता हैं। जिससे देखने में लगता है, कि हीरो-हीरोइन आपस में ये सीन कर रहे हैं। जबकि इसे सिनेमटोग्राफी के जरिए किया जाता हैं। हालांकि किसी की ऐसे सीन को शूट करने से पहले मेकर्स को एक्टर्स से परमिशन लेनी होती हैं। एक्टर्स की हामी के बाद ही ऐसे सीन शूट किए जाते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।