झारखंड: चंपई सोरेन को बड़ा झटका, एक विधायक का समर्थन से इनकार
<p>राज्य के नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। एक ओर विधायकों को अपने पाले में करने को लेकर जोड़-तोड़ किया जा रहा है तो उधर जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने घोषणा कर डाली है कि वे चंपई सरकार को समर्थन नहीं करेंगे। वे विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान तटस्थ रहेंगे।</p>
राज्य के नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। एक ओर विधायकों को अपने पाले में करने को लेकर जोड़-तोड़ किया जा रहा है तो उधर जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने घोषणा कर डाली है कि वे चंपई सरकार को समर्थन नहीं करेंगे। वे विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान तटस्थ रहेंगे।
किसी ने मतदान के लिए संपर्क नहीं किया
सरयू राय ने यह भी कहा कि सत्तापक्ष अथवा विपक्ष किसी ने उनसे अपने पक्ष में मतदान के लिए संपर्क भी नहीं किया है। ऐसी स्थिति में गुण-दोष के आधार पर आगे वे सरकार के बारे में राय बनाएंगे। अभी नए सीएम बने हैं। उनके कामकाज को देखना होगा। उनकी रचनात्मक भूमिका सदन में होगी। उन्होंने आशा जताई कि चंपई सोरेन पुरानी राह को बदलेंगे। बड़ी और समानांतर लकीर खीचेंगे।
चंपई सोरेन अपनी अलग लकीर खींचे
यह पूछे जाने पर कि चंपई सोरेन का कहना है कि हेमंत सोरेन ने विकास की लंबी लकीर खींची है, सरयू राय ने कहा कि वे अपनी अलग लकीर खींचे। वे सरकार के पक्ष में वोट नहीं करेगे। उनकी किसी को जरूरत भी नहीं है। हेमंत सोरेन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उन्होंने जान-बूझकर मक्खी निगला। वैसे लोगों को आपने आसपास बनाए रखा, जो हानिकारिक साबित हुए। ऐसा भी नहीं है कि उन्हें सचेत नहीं किया गया। उनका कृत्य पांव पर कुल्हाड़ी नहीं, कुल्हाड़ी पर पांव मारना सीखा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सरयू राय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी से पराजित किया था। बरकट्ठा के निर्दलीय विधायक अमित कुमार यादव ने कहा कि उनका वोट राज्य हित में होगा। सरकार के विपक्ष में वोट करेंगे। साथी विधायकों से भी इस संबंध में विमर्श करेंगे।
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