डॉ. अंबेडकर विवाद के बीच अमित शाह ने कहा, अगर खड़गे मेरा इस्तीफ़ा चाहते हैं, तो मैं दे दूंगा लेकिन..

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक साहसिक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे उनके इस्तीफ़े की मांग करते हैं, तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके इस्तीफ़े से कांग्रेस पार्टी की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

डॉ. अंबेडकर विवाद के बीच अमित शाह  ने कहा, अगर खड़गे मेरा इस्तीफ़ा चाहते हैं, तो मैं दे दूंगा लेकिन..
19-12-2024 - 11:49 PM
20-12-2024 - 01:09 AM

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक साहसिक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे उनके इस्तीफ़े की मांग करते हैं, तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके इस्तीफ़े से कांग्रेस पार्टी की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शाह, जो डॉ. बीआर अंबेडकर पर अपनी टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरे हुए हैं, ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत किसी एक व्यक्ति के कार्यों से नहीं सुधर सकती।
उन्होंने कहा, "अगर खड़गे मेरा इस्तीफा चाहते हैं, तो मैं दे दूंगा। लेकिन इससे कांग्रेस की हालत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" यह बयान उस राजनीतिक खींचतान के बीच आया है, जो सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच जारी है।

कांग्रेस पर निशाना

शाह ने खड़गे को संबोधित करते हुए कांग्रेस की डॉ. अंबेडकर और संविधान पर स्थिति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "मैं खड़गे जी से आग्रह करता हूं कि आप उस पृष्ठभूमि से आते हैं जिसे हमेशा अंबेडकर ने ऊंचा उठाया। लेकिन अब आप राहुल गांधी के एजेंडे में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस संविधान विरोधी, आरक्षण विरोधी और अंबेडकर विरोधी है। उनके पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। वे यह नहीं बता सकते कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कैसे कुचला गया था।"

कांग्रेस पर फर्जी नैरेटिव फैलाने का आरोप

शाह ने अपने पहले के बयान में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर उनके बयान को लेकर "फर्जी नैरेटिव" फैला रही है।
उन्होंने कहा, "मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मेरा मीडिया से अनुरोध है कि कांग्रेस को तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने की आदत है। पहले उन्होंने पीएम मोदी के बयानों को भी तोड़ा। चुनावों के दौरान भी उन्होंने एआई का इस्तेमाल कर मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया। मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि मेरे पूरे बयान को जनता के सामने रखें। मैं उस पार्टी से हूं जो कभी भी डॉ. अंबेडकर का अपमान नहीं कर सकती।"

शाह ने आगे मीडिया से आग्रह किया कि सच्चाई को भारत के लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा, "मेरा पूरा बयान राज्यसभा के रिकॉर्ड में है। हमारे कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर मेरा बयान साझा किया है। जिन लोगों ने हमेशा डॉ. अंबेडकर का अपमान किया, वे आज अंबेडकर के नाम पर फर्जी नैरेटिव फैला रहे हैं।"

आपातकाल और संविधान पर हमला

शाह ने कांग्रेस पर अंबेडकर और संविधान को कमजोर करने के इतिहास का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस संविधान विरोधी, आरक्षण विरोधी और अंबेडकर विरोधी है। उनके पास उनके कार्यों का कोई जवाब नहीं है, विशेषकर आपातकाल के दौरान।"
1975 में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए शाह ने पार्टी के कथित संवैधानिक मूल्यों की उपेक्षा को उजागर किया। उन्होंने कहा, "आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने लोकतंत्र को कुचल दिया और संविधान को रौंदा। यह वह समय था जब लोकतांत्रिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और देश उनके निरंकुश शासन के अधीन हो गया था।"

अमित शाह ने अंबेडकर पर क्या कहा

संविधान के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में हुई बहस के दौरान, अमित शाह ने विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर का नाम लेना अब "फैशन" बन गया है।
उन्होंने कहा, "अभी एक फैशन हो गया है - अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।"
उन्होंने कहा, "उनका नाम 100 बार और लो, लेकिन मैं यह पूछना चाहता हूं कि आपके दिल में उनके प्रति क्या भावना है।"
शाह ने यह भी बताया कि डॉ. अंबेडकर को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली पहली कैबिनेट से अपने मतभेदों के कारण इस्तीफा देना पड़ा था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।