खरगे से मिले डीके...! रोटेशनल सीएम बनने के फॉर्मूले पर हुई बात, जानिए क्या-क्या हुआ

<p><strong>सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार खरगे और डीके शिवकुमार ने मुलाकात की है और कहा जा रहा है कि बैठक में शिवकुमार ने रोटेशनल सीएम वाले फॉर्मूले को नकार दिया है।</strong></p>

खरगे से मिले डीके...! रोटेशनल सीएम बनने के फॉर्मूले पर हुई बात, जानिए क्या-क्या हुआ
17-05-2023 - 07:13 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

कर्नाटक में सीएम को लेकर कांग्रेस में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को दोनों दावेदारों ने मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। पहले डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और सूत्रों का कहना है कि डीके रोटेशनल सीएम फॉर्मूले के लिए तैयार नहीं हैं और वह सीएम के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले डीके को बैठक के लिए बुलाया गया है और इसके बाद सिद्धरमैया को बुलाया गया।
खड़गे विचार करने के बाद देंगे फैसला
दोनों नेताओं की बात सुनने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस महासचिव, संगठन केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक जीएस रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ एक और दौर की बैठक करेंगे, राहुल गांधी भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में दोनों नेता कांग्रेस अध्यक्ष को क्या कहेंगे, इस पर चर्चा की जाएगी और उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। सिद्धारमैया को डीके शिवकुमार से ज्यादा विधायकों का समर्थन मिला है, हालांकि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर डीके शिवकुमार ने जमीन पर काफी मेहनत की है।
डीके शिवकुमार ने कहा-मुझे ही सीएम बनाया जाना चाहिए
सूत्रों के अनुसार डीके शिवकुमार का मानना है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए और इस पर अडिग हैं, हालांकि उनके खिलाफ चल रहे मामलों और सिद्धारमैया को विधायकों के समर्थन ने उनके मामले को कमजोर बना दिया है। सिद्धारमैया पहले भी सीएम रह चुके हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें उच्च पद दिया। लीडर बनाया और अब उनकी बारी है। इस बार पार्टी को दलित, मुस्लिम और पिछड़े वोटों के साथ वोक्कालिगा और लिंगायत वोटर्स का भी शेयर मिला है और इसके साथ ही युवा वोटर्स ने भी कांग्रेस को चुना है, इसीलिए अब पार्टी को एक नया नेतृत्व दिया जाना चाहिए। 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।