मोदीजी से आप कोई व्यक्तिगत सहायता नहीं ले सकते और राहुल गांधी.. जानिये इंटरव्यू में क्या कह दिया देश के सबसे अमीर अडानी ने
<p>देश के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी, जो आमतौर पर टीवी साक्षात्कार से बचते हैं, एक टीवी शो में अतिथि भी बने और प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गाँधी, मुंबई दंगो में फंसने और बचने व अपने कॉर्पोरेट समूह से संबंधित विवादों,से संबंधित कई पेचीदा सवालों का जवाब भी दिए ।</p>
राहुल गाँधी पर टिप्पणी देना मुझे शोभा नहीं देता
कार्यक्रम आपकी अदालत जिसमे शो के एंकर मेहमान पर इलज़ाम लगा कर उनसे सफाई मांगते हैं। गौतम अडानी आरोप लगाया गया कि राहुल गाँधी ने आप पर कई आरोप लगा लगाकर आपको इतना लोकप्रिय बनाया , अपने कभी उन्हें धन्यवाद् नहीं दिया;इस पर अडानी ने जवाब दिया कि एक उद्योगपति के रूप में मैं उनके बारे में कोई टिप्पणी करूं, यह शोभा नहीं देता। वे सम्माननीय नेता हैं और वे भी देश की प्रगति चाहते हैं। ये ठीक है कि राजनीतिक आवेश में उनका बयान आ जाता है, पर मैं कभी उसे राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा नहीं लेता।'
ज़िंदगी में मिले तीन बड़े ब्रेक
वहीँ जब उनसे पूछा गया कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो आपको उनसे क्या मदद मिली? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जीवन में तीन ब्रेक मिले, पहला ब्रेक राजीव गाँधी ने 1985 में अपने कार्यकाल के दौरान दिया था जब नई आयात-निर्यात नीति आई। उस समय हमारी कंपनी एक ग्लोबल ट्रेडिंग हाउस बनी। मुझे दूसरा ब्रेक साल 1991 में मिला। उस समय पी. वी. नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी। उस दौरान हम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप कर सके। इससे देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा मिली।तीसरा ब्रेक दिया नरेंद्र मोदी ने जब वे 12 साल गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय एक अच्छा अनुभव रहा। लेकिन मैं ये बताना चाहता हूं कि मोदीजी से आप कोई व्यक्तिगत सहायता नहीं ले सकते। आप उनसे नीति विषयक बात कर सकते हैं। आप देश के हित में चर्चा कर सकते हैं। जो पॉलिसी बनती है, वह सबके लिये होती है। वो अकेले अडानी ग्रुप के लिये नहीं बनती।'
मुंबई से सीखा हार्ड वर्क
गौतम अडानी से शो में पूछा गया कि वो कैसे हर रोज 1600 करोड़ रुपये कमा लेते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वो आंकड़ों के पीछे कभी भागते नहीं हैं। जब वो 15 साल के थे तो कुछ ऐसा संयोग बना कि वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और उन्हें मुंबई आना पड़ा। उन्होंने बताया कि ये सफर चार साल का रहा और इसके बाद वो वापस अहमदाबाद आए। गौतम अडानी ने कहा कि मुंबई ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। यहां रहकर उन्होंने सीखा कि हार्ड वर्क कैसे करते हैं। इसके बाद से उनकी बिजनस की जर्नी शुरू हुई।
सफलता का एक ही मंत्र
उनकी सफलता का एक ही मंत्र है- मेहनत, मेहनत और मेहनत। अडानी ने कार्यक्रम में अपने ग्रुप को मिले बैंक कर्ज, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, मुंद्रा पोर्ट में हजारों करोड़ के नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ ही कृषि कानूनों के बारे में विस्तार से बातें की। अडानी ने वह किस्सा भी बताया जब मुंबई हमलों के दौरान वे ताज होटल में फंस गए थे।
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