तालिबान को भाया भारत का बनाया चाबहार बंदरगाह, मुल्ला बरादर की ईरान से खास अपील

<p><em><strong>तालिबान सरकार ने अफगान व्यापारियों के लिए ईरान से चाबहार बंदरगाह के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है। तालिबान सरकार में उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने ईरान यात्रा के दौरान चाबहार बंदरगाह को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत भी की है। ईरान के चाबहार बंदरगाह को भारत ने विकसित किया है।</strong></em></p>

तालिबान को भाया भारत का बनाया चाबहार बंदरगाह, मुल्ला बरादर की ईरान से खास अपील
10-11-2023 - 11:16 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

अफगानिस्तान के अर्थव्यवस्था मामलों के प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरादर अखुंद ने गुरुवार को ईरान से अपने चाबहार बंदरगाह के माध्यम से व्यापार के लिए आसान पहुंच प्रदान करने का आग्रह किया। बरादर के कार्यालय ने कहा कि रणनीतिक रूप से स्थित चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान को कम समय और लागत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ते हुए नई व्यापार और पारगमन साझेदारी स्थापित करने में सक्षम बनाता है। चाबहार बंदरगाह को भारत ने विकसित किया है। इसको विकसित करने का उद्देश्य भारत को मध्य एशियाई देशों और अफगानिस्तान के साथ-साथ यूरोप के साथ भी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना था।
मुल्ला बरादर ने ईरान से की अपील
मुल्ला बरादर के कार्यालय के एक बयान के अनुसार, ओमान की खाड़ी पर स्थित दक्षिणपूर्वी ईरान में बंदरगाह की यात्रा के दौरान, बरादर ने बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के निर्यात और आयात को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुल्ला बरादर आर्थिक मामलों के लिए अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने आग्रह किया कि ईरान को चाबहार बंदरगाह तक आसान पहुंच की सुविधा प्रदान करनी चाहिए, जिससे अफगानिस्तान वैश्विक बाजारों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। बयान में कहा गया है कि ईरानी पक्ष ने मुल्ला बरादर को बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के व्यापार को बढ़ावा देने के अपने समर्थन और इरादे का आश्वासन दिया।
तालिबान ने पाकिस्तान के कराची से किया किनारा
मुल्ला बरादर के कार्यालय ने बयान में कहा, ‘चाबहार बंदरगाह से जुड़ने से अफगानिस्तान को यूरोप, मध्य पूर्व, भारत और चीन के बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे अफगानिस्तान के वैश्विक रिश्ते मजबूत होंगे।’ बरादर पिछले हफ्ते के अंत से ईरान की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने विदेश और आंतरिक मंत्रियों सहित शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की है। बरादर ने कहा कि चाबहार बंदरगाह अधिक कुशल मार्ग प्रदान करता है, जो बंदर अब्बास (ईरान में बंदरगाह) से दसियों किलोमीटर करीब है और कराची बंदरगाह (पाकिस्तान) से सैकड़ों किलोमीटर छोटा है, जिसके परिणामस्वरूप निर्यात लागत और पारगमन समय में अभूतपूर्व कमी आती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।