पीने के पानी से लोग हो रहे निमोनिया के शिकार, इनको ज्यादा खतरा

<p><em><strong>पोलैंड में पीने के पानी से लोग निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। पानी में एक खतरनाक बैक्टीरिया मिला है, जो शरीर में जाकर निमोनिया का कारण बन रहा है। अब तक इस संक्रमण से 05 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग संक्रमित हो गए हैं।</strong></em></p>

पीने के पानी से लोग हो रहे निमोनिया के शिकार, इनको ज्यादा खतरा
31-08-2023 - 11:49 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

निमोनिया फेफड़ों की एक खतरनाक बीमारी है, जिससे हर साल लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है। यह बीमारी लंग्स में इंफेक्शन की वजह से होती है। खतरनाक बैक्टीरिया सांस के जरिए लंग्स में पहुंच जाते हैं और निमोनिया का कारण बनते हैं। इस बीमारी में फेफड़े कमजोर होने लगते हैं और सांस लेने में परेशानी होती है। समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत होने का खतरा रहता है। निमोनिया के कीटाणु हवा के जरिए लंग्स में जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी की वजह से भी निमोनिया हो सकता है। हाल ही में पोलैंड में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां पीने के पानी की वजह से लोग निमोनिया का शिकार हो रहे हैं।
वाटर सप्लाई में मिला बैक्टीरिया
पोलैंड के कुछ इलाकों की वाटर सप्लाई में लेजियोनेला बैक्टीरिया मिला है। इस पानी को पीने की वजह से यह बैक्टीरिया लोगों के शरीर में जा रहा है। इससे लीजियोनिएरेस बीमारी हो रही। यह डिजीज निमोनिया कर रही है। अब तक पौलेंड में इस बीमारी से 100 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।
अलर्ट जारी किया गया
द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने लीजियोनिएरेस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया है। सेंटर ने कहा है कि अब तक 113 मरीजों में लेजियोनेला बैक्टीरिया मिला है। इनमें से 07 लोगों की मौत हो गई है। ये सभी 65 साल से अधिक उम्र के थे और इनको दूसरी बीमारियां भी थी।
यह लक्षण दिखें तो रहें अलर्ट
सेंटर के मुताबिक, अगर आप ठीक से सांस नहीं ले पा रहे हैं, सीने में दर्द है तो आपको निश्चित रूप से डॉक्टर के पास जाना चाहिए। सेंटर ने लोगों को सलाह दी है कि अगर घर में हॉट टब या होम स्पा है, तो आवश्यक है कि उसे नियमित रूप से सूखाएं, साफ करें और कीटाणुरहित करें। पीने के सप्लाई का जो पानी है उसको भी उबाल कर पीएं।
क्या होता है लेजियोनेला बैक्टीरिया
राजीव गांधी हॉस्पिटल में डॉ। अजित कुमार जैन बताते हैं कि लेजियोनेला बैक्टीरिया खराब पानी में मौजूद रहता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसे पानी को पीता है तो उसे लीजियोनेरेस बीमारी हो जाती है। यह एक तरह का निमोनिया ही होता है। जिन लोगों को उम्र ज्यादा होती है या पहले से किसी दूसरी गंभीर बीमारी का शिकार होते हैं उनको इस बीमारी से खतरा होता है। आमतौर पर ये बीमारी एंटोबायोटिक से सही हो जाती है, लेकिन अगर लंग्स में इंफेक्शन ज्यादा है तो मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में अगर किसी को सांस लेने में परेशानी या फिर लगातार खांसी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।