फोन पर मोदी से बोले पुतिन- यूक्रेन नहीं मान रहा कोई भी प्रस्ताव, वैगनर का मुद्दा भी उठा
<p><em><strong>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।</strong></em></p>
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन की स्थिति को लेकर फोन पर चर्चा की। क्रेमलिन ने यह बात कही है। उसने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन तथा जी-20 के भीतर सहयोग पर चर्चा की। बातचीत में व्लादिमीर पुतिन, पीएम मोदी ने द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत की पहल पर हुई बात
क्रेमलिन की ओर से आए बयान में कहा गया है कि भारतीय पक्ष की पहल पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। नरेंद्र मोदी ने रूस में 24 जून की (वैगनर की बगावत से जुड़ी) घटनाओं के संबंध में कानून और व्यवस्था, रक्षा, देश में स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूसी नेतृत्व के निर्णायक कार्यों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। पीएम मोदी को पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस मामले में किसी भी राजनीतिक/कूटनीतिक हल को तैयार नहीं है।
द्विपक्षीय मामलों पर हुई चर्चा
पीएम मोदी और पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग के सामयिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं के निरंतर कार्यान्वयन के महत्व को रेखांकित किया और 2022 के दौरान और इस वर्ष की पहली तिमाही में व्यापार में पर्याप्त वृद्धि पर संतोष जताया। बातचीत में शंघाई सहयोग संगठन और जी-20, जिसकी अध्यक्षता वर्तमान में भारत कर रहा है, के साथ-साथ ब्रिक्स फॉरमेट में बातचीत पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा पीएम मोदी ने अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें उनकी हालिया वाशिंगटन यात्रा के दौरान के संपर्क भी शामिल हैं।
यूक्रेन संकट के हल पर हुई चर्चा
दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। रूसी राष्ट्रपति ने विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में मौजूदा हालात पर अपने आकलन से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि, संघर्ष को हल करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक कदम उठाने से कीव ने पूरी तरह इनकार कर दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि, पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत सारगर्भित और रचनात्मक रही। नेताओं ने रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के अपने पारस्परिक इरादे की पुष्टि की और संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
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