राजस्थान चुनाव: इन 4 नेताओं की जीत के लिए ‘पाकिस्तान’ में मांगी जा रही दुआएं
<p><em><strong>राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर जिले में चुनावी रोचकता इस बार अंतिम क्षण तक है। बाड़मेर जिले से कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके परिणाम पर पाकिस्तान की भी खास नजर है।</strong></em></p>
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम का हर किसी को इंतजार है। जैसे-जैसे चुनाव परिणाम का दिन नजदीक आ रहा है कि उम्मीदवारों की नींद उड़ती जा रही है। जीत-हार के गणित में वे 3 दिसंबर का बेसब्री से इंतजार करने में लगे है। राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर जिले में चुनावी रोचकता इस बार अंतिम क्षण तक है। यहां से कई ऐसे उम्मीदवर हैं जिनके परिणाम पर पाकिस्तान की भी खास नजर है। पाक में उनके नाते-रिश्तेदार और चाहने वाले उनकी जीत के लिए दुआ कर रहे हैं।
1. सिवाना विधानसभा सीट: मानवेन्द्र सिंह
मानवेन्द्र सिंह बाड़मेर जिले की सिवाना विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। हॉट सीट सिवाना से कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह और भाजपा के हमीरसिंह भायल कांग्रेस समेत 11 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पाकिस्तान में मानवेन्द्र के पारीवारिक ताल्लुकात है। हिंगलाज माता के भक्त है और पिता जसवंतसिंह के साथ यात्रा में गए थे। इसके बाद पिछले साल हिंगलाज माता मंदिर दर्शन को भी गए थे।
2. शिव विधानसभा सीट: अमीन खां
राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा पर पूरे देश की नजर है। शिव सीट से भाजपा के स्वरूपसिंह खारा, कांग्रेस से अमीन खां और निर्दलीय रविन्द्र सिंह भाटी समेत 9 उम्मीदवार चुनावी रण में हैं। अमीन खां का ससुराल पाकिस्तान में गोगासर में है। अमीन बॉर्डर के गांव देताणी में रहते है, जिसके सामने के गांवों में ही उनका ससुराल है। अमीन खां पाकिस्तान यात्रा पर कई बार गए है। उनके विधायक बनने से लेकर चुनाव लड़ते तक की उत्सुकता पाकिस्तान में उनके परिजनों को रहती है।
3. पोकरण विधानसभा सीट: शाले मोहम्मद
जैसलमेर जिले की पोकरण विधानसभा सीट से लगातार चैथी बार 45 वर्ष के शाले मोहम्मद को चुनाव में उतरे हैं। पांच साल तक पंचायत समिति जैसलमेर के प्रधान, तीन साल तक जिला परिषद जैसलमेर के जिला प्रमुख, पांच साल तक पोकरण विधायक व पांच साल तक राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। शाले मोहम्मद जैसलमेर के सीमावर्ती इलाके के भागू का गांव के हैं। वे सिंधी मुसलामानों के धर्मगुरु हैं, जिनके अनुयायी पाकिस्तान के सिंध इलाके में भी है। शाले मोहम्मद व उनके परिवार के सदस्य पाकिस्तान कई बार आए-गए हैं।
4. शिव विधानसभा सीट: फतेहखां
शिव विधानसभा सीट निर्दलीय रविंद्र सिंह के चुनाव मैदान में होने से खासा चर्चा में है। रविंद्र सिंह भाटी की नामांकन सभा और चुनावी रैलियों में हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ी थी। लेकिन यह सीट एक और उम्मीदवार फतेह खां की वजह से भी चर्चा में है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह खां भी शिव से चुनाव लड़ रहे है, उनको लेकर भी पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुई है। यह पोस्ट भी चर्चा में आई। वहां भी उनके प्रशंसक है, जो उनकी जीत के लिए दुआ कर रहे हैं।
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