उम्मीद से कहीं ज्यादा...! आरबीआई के अनुमानित आंकड़ों को कैसे पार कर गई भारतीय अर्थव्यवस्था?
<p><em><strong>मैन्यूफैक्चरिंग, माइनिंग, कंस्ट्रक्शन, बिजली, गैस, वाटर सप्लाई और दूसरी यूटिलिटी सर्विसेज की शानदार परफॉर्मेंस के चलते दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान से अधिक रही है। भारत की जीडीपी ग्रोथ जुलाई से सितंबर 2023 तिमाही में 7.6 फीसदी रही है।</strong></em></p>
भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट आरबीआई के अनुमानों को भी पार कर गई है। आम चुनावों से पहले इकॉनमी के लिए यह एक अच्छा संकेत है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ जुलाई से सितंबर 2023 तिमाही में 7.6 फीसदी रही है। यह ग्रोथ रेट अनुमान से अधिक है। दूसरी तिमाही की भारत की यह जीडीपी ग्रोथ रेट पिछली तिमाही के 7.8 फीसदी की तुलना में थोड़ी सी कम है। हालांकि, यह आरबीआई के अनुमान 6.5 फीसदी से काफी अधिक है।
किस सेक्टर में आई तेजी?
मैन्यूफैक्चरिंग जीवीए पिछले साल की दूसरी तिमाही में 4 परसेंट घट गया था। इस बार जुलाई से सितंबर के बीच मैन्यूफैक्चरिंग जीवीए में 13ः9 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई है। यह नौ तिमाहियों में सबसे तेज ग्रोथ है। उधर माइनिंग जीवीए में भी 10 फीसदी की ग्रोथ रेट रही है। दूसरी तिमाही में कंस्ट्रक्शन जीवीए 13.3 फीसदी उछला है। जबकि बिजली, गैस, वाटर सप्लाई और दूसरी यूटिलिटी सर्विसेज की परफॉर्मेंस पिछले साल की तुलना में 10.1 फीसदी अधिक रही है। इससे ओवरऑल ग्रोथ नंबर में उछाल आया है।
इस साल 6.5 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद
एग्रीकल्चर और सर्विस सेक्टर के साथ-साथ कंज्यूमर स्पेंडिंग में स्पष्ट ग्रोथ डाउनटर्म (मंदी) के बावजूद अच्छी जीडीपी ग्रोथ रही है। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में इकॉनमी में ग्रोस वैल्यू एडेड (जीवीए) ग्रोथ क्वार्टर 1 के 7.6 फीसदी से थोड़ा गिरकर दूसरी तिमाही में 7.4 फीसदी रही। लेकिन एग्रीकल्चर सेक्टर में जीवीए ग्रोथ पहली तिमाही के 3.5 फीसदी से तेजी से गिरकर 1.2 फीसदी पर आ गई। जबकि यह ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट जैसे सर्विस सेक्टर्स के लिए आधी से भी कम रह गई। यह पहली तिमाही के 9.2 फीसदी से घटकर 4.3 फीसदी पर आ गई। भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार को इस साल 6.5 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है।
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