राहुल की यात्रा से चर्चित राजस्थान का आईपीएस फिर से सुर्खियों में !
<p><em>राजस्थान के ईमानदार और दबंग छवि वाले आईपीएस अधिकारी बीजू जॉर्ज जोसफ जयपुर के पुलिस कमिश्नर बनते ही चर्चा में आ गए हैं। बता दें, कि राजस्थान में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा आईपीएस जोसेफ के ऊपर ही था।</em></p>
राजस्थान के दबंग आईपीएस अफसर बीजू जॉर्ज जोसफ को जयपुर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। केरल के रहने वाले जोसफ 1995 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। उनकी गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है। बता दें, कि जब राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 2022 में राजस्थान पहुंची, तब प्रदेश में सुरक्षा की बागडोर बीजू जॉर्ज जोसफ के जिम्मे ही थी। बताया जा रहा है कि वो 3 सालों तक ।क्ळ विजिलेंस भी रहे। उन्होंने माफियाओं से हाथ मिलाने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एक रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान सरकार को भेजी। जिसके बाद सरकार ने उन दागी अफसरों को सस्पेंड कर दिया था।
अधिवक्ता आंदोलन में किया डटकर मुकाबला
बताया जाता है कि साल 2011 में जब जयपुर में पुलिस प्रणाली लागू की गई, तब बीएल सोनी यहां के पुलिस कमिश्नर थे। इस दौरान जोसफ एडिशनल कमिश्नर द्वितीय के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। साल 2013 में जब अधिवक्ता आंदोलन के दौरान पुलिस प्रशासन और वकीलों के बीच टकराव हुआ, तब राजस्थान सरकार ने वकीलों के दबाव के चलते पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी को उनके पद से हटा दिया। जिसके बाद पुलिस के सैकड़ों जवानों और अधिकारियों ने एक सुर में प्रदेश सरकार का डटकर विरोध किया।
जब पुलिस हुई सरकार के खिलाफ
जानकार बताते हैं कि 80 के दशक के बाद राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ, जब पुलिसकर्मी और अधिकारी प्रदेश सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए। बताया जाता है कि उस वक्त बीजू जॉर्ज जोसफ भी पुलिस फोर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए थे, लेकिन बाद मे राजस्थान सरकार ने उनका भी तबादला कर दिया था।
कैसा है बीजू जॉर्ज जोसफ का व्यक्तित्व
जोसेफ रौबदार चेहरे और भारी आवाज के तेज तर्रार दिखने वाले अफसर हैं। लेकिन जानकार बताते हैं वो बेहद नरम मिजाज के हैं। जयपुर के एडिश्नल पुलिस कमिश्नर के पद पर काम करने से पहले वो दो वर्ष तक एसीपी ईस्ट रहे और बाद में उन्हें जोधपुर कमिश्नर बनाया गया। बताया जाता है कि झूठ और काम में हीलाहवाली उन्हें कतई गवारा नहीं।
धौलपुर एसपी से की कैरियर की शुरुआत
जोसफ के बारे में बताया जाता है कि ट्रेनिंग के बाद उन्हें धौलपुर जिले का एसपी पद मिला। धौलपुर में बीहड़ का वो एरिया है, जहां डकैतों की तूती बोलती थी। यहां आकर बीजू जॉर्ज जोसफ ने डकैतों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की। इसके बाद वो श्रीगंगानगर और अलवर एसपी रहे। 2 साल तक जयपुर पुलिस कमिश्नर पद पर काम करने के बाद उन्होंने जोधपुर पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला। इसके बाद 4 महीने अजमेर रेंज आईजी रहे, फिर एडीजी बन गए। गुणवत्तापरक काम करने के लिए उन्हें साल 2012 में पुलिस पदक और साल 2021 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया।
What's Your Reaction?