राजस्थान में हर सरकारी इमारत की होगी जिओ टैगिंग
<p><em><strong>जीआईएस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने मंजूर किए 153.80 करोड़ रुपए, आपदा या महामारी के दौरान हो सकेगा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन</strong></em></p>
राजस्थान में विभिन्न सरकारी विभागों व उपक्रमों की परिसंपत्तियों, योजनाओं एवं कार्यों की भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के जरिए जिओ टैगिंग कर उन्हें मैप से जोड़ने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसके लिए 153.80 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। जीआईएस एक ऐसी प्रणाली है, जिसे पृथ्वी की सतह पर भौगोलिक स्थितियों के संबंध में डाटा एकत्रित करने, संग्रहित करने, संशोधन करने तथा विश्लेषण करने के लिए बनाया गया है। साथ ही, इस प्रणाली से डाटा प्रबंधित करने तथा प्रस्तुत करने का कार्य भी किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री गहलोत की ओर से दी गई इस स्वीकृति से अब राज्यव्यापी जीआईएस प्रणाली के माध्यम से सभी विभाग अपनी परिसंपत्तियों, सुविधाओं, योजनाओं व कार्यक्रमों का भू-स्थानिक डाटा जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ सकेंगे। इससे संसाधन संग्रहण एवं वितरण, विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के नीति नियोजन के संबंध में निर्णय लेने और उनके निरीक्षण में आसानी होगी।
यह होगा लाभ
जियो टैगिंग के बाद विभागीय योजनाओं एवं कार्यों को लेकर सेवा प्रदायगी बेहतर हो सकेगी। आपदा या महामारी के दौरान संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। राज्य के सभी राजकीय भवन एक ही मैप पर उपलब्ध होंगे तथा आमजन के लिए इन भवनों तक पहुंचना आसान हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि जिओ-टैगिंग के अंतर्गत एक मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। विभिन्न विभागों जैसे महिला एवं बाल विकास विभाग, पीएचईडी, भू-जल विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आदि द्वारा ऎप का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
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