मोदी उपनाम मामले' में रांची से भी लगा राहुल गांधी को झटका, कोर्ट ने किया पेशी से छूट से इनकार

<p>गुजरात की सूरत कोर्ट के बाद अब झारखंड की झारखंड की एमपी एमएल ए कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की &#39;मोदी सरनेम&#39; टिप्पणी पर 2019 के एक मानहानि के मामले में व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। सूरत कोर्ट द्वारा इसी मामले में राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने और दो साल जेल की सजा सुनाए जाने के कुछ सप्ताह बाद यह बात सामने आई है। उनकी सजा के बाद, राहुल गांधी को संसद से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।</p>

मोदी उपनाम मामले' में रांची से भी लगा राहुल गांधी को झटका, कोर्ट ने किया पेशी से छूट से इनकार
03-05-2023 - 05:40 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने 'मोदी उपनाम'  वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की है।

न्यायमूर्ति हेमंत ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को कोई अंतरिम संरक्षण देने से भी इनकार कर दिया और कहा कि छुट्टी से आने के बाद फैसला सुनाया जाएगा, कोर्ट ने तब तक के लिए राहुल गांधी को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया।

कर्नाटक के कोलार शहर में आयोजित एक सार्वजनिक रैली के दौरान राहुल गांधी द्वारा 'मोदी' उपनाम की टिप्पणी करने के बाद एक वकील प्रदीप मोदी ने 2019 में रांची में शिकायत दर्ज की थी। 2019 के लोकसभा चुनावों के प्रचार के दौरान, राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था, "नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी... इन सभी का उपनाम मोदी कैसे है। सभी चोरों का उपनाम मोदी कैसे है?"
याचिकाकर्ता ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गांधी की टिप्पणी मोदी उपनाम/शीर्षक वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ थी और अपमानजनक और मानहानिकारक थी। याचिकाकर्ता ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था। गौरतलब है कि झारखंड में राहुल गांधी के खिलाफ कुल तीन मानहानि के मामले लंबित हैं-एक चाईबासा में और दो मामले रांची में हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।