रैपिड रेल, जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे... अगले साल पूरे होंगे 7 मेगा प्रोजेक्ट

<p><em>देश को जल्द ही कई मेगा प्रोजेक्ट मिलने वाले हैं। इससे करोड़ों लोगों की डेली लाइफ आसान होने की उम्मीद है। इसमें दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं।</em></p>

रैपिड रेल, जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे... अगले साल पूरे होंगे 7 मेगा प्रोजेक्ट
24-08-2023 - 06:33 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

आइए ऐसे कुल 7 मेगा प्रोजेक्ट के बारे में आपको बता दें जो लोगों का जीवन आसान करेंगे ।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
देश की राजधानी को देश की आर्थिक राजधानी से सड़क मार्ग से जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट का एक फेज आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे का 2024 में कंप्लीट हो जाने की उम्मीद है। 1350 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद सड़क के रास्ते दिल्ली-मुंबई के बीच का सफर 12 घंटे में पूरा हो जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट, नोएडा
इसे एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बताया जा रहा है। इसका पहला फेज इस साल पूरा हो जाने की उम्मीद है, जिस पर 4588 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे 5000 हेक्टेयर के एरिया में बनाया जाना है। यह दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा। पूरे एयरपोर्ट के निर्माण में 30 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। इस पर 6-8 रनवे बनाए जाएंगे। अभी तक किसी भारतीय एयरपोर्ट के पास इतने रनवे नहीं हैं।
देश की पहली रैपिड रेल
दिल्ली और मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल (रैपिडेक्स) चलाई जाएगी। इसकी कुल लंबाई 82 किलोमीटर है। हालांकि, पहले फेज (प्रायोरिटी कॉरिडोर) दुहाई से जो साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक का है, 17 किलोमीटर का होगा। इसके इसी साल शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, प्रोजेक्ट 2025 तक बनकर हो जाने का अनुमान है। इस पर ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड से चलेगी। पूरे कॉरिडोर के निर्माण पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। (छमूे18)
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
यह मालगाड़ी के लिए समर्पित कॉरिडोर होगा। 2 नए फ्रेट कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। पहला है वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर और दूसरा ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर। मालगाड़ियों को आम पैसेंजर गाड़ियों के ट्रैक से हटा दिया जाएगा। इससे समय व पैसे दोनों की बचत होगी। साथ ही, रेलवे के पास माल ढुलाई के ज्यादा ऑर्डर आने की उम्मीद बढ़ जाएगी। ईस्टर्न कॉरिडोर पश्चिम बंगाल से पंजाब तक होगा। वेस्टर्न कॉरिडोर दिल्ली के दादरी को मुंबई के जेएनपीटी से जोड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किलोमीटर है। यह मेरठ से प्रयागराज तक जाएगा। यह 6 लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा जिसे 8 लेन तक एक्सपेंड किया जा सकता है। यह राज्य के 12 जिलों को जोड़ेगा। यह पूर्वांचल, यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे को 2024 तक बनाकर तैयार करने का लक्ष्य है। इस पर कुल 37350 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बताया जा रहा है।
ट्रांस मुंबई हार्बर लिंक
यह भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल होगा जो मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ेगा। यह इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। 22 किलोमीटर लंबे इस पुल पर 18000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके बन जाने के बाद साउथ मुंबई से नवी मुंबई 2 घंटे की बजाय 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट
मुंबई में एक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। वहां अभी केवल एक ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहां बहुत भीड़ होती है। इसके बोझ को कम करने के लिए नया हवाई अड्डा बनाया जा रहा है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण पूरा हो गया और यह 2024 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस पर कुल 16700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।