पालघर, सांगली, धार और अब दुर्ग, साधुओं के खिलाफ आखिर कौन रच रहा साजिश?
<p><em><strong>पिछले काफी समय से बच्चा चोरी के शक में भीड़ के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में सवाल ये है कि इसके पीछे साधुओं के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं?</strong></em></p>
भगवा कपड़े पहने हुए 3 लोग और जान लेने पर आमादा भीड़। जो भी आ रहा, बस अंधाधुंध लात-घूसों से पिटाई कर रहा था । भीड़ में कोई चिल्ला रहा था, छोड़ना नहीं। यह खौफनाक मंजर था, छत्तीसगढ़ के दुर्ग का। बच्चा चोर के शक में भीड़ साधुओं की जान लेने पर उतारू है। वायरल हुआ वीडियो 2 साल पहले महाराष्ट्र के पालघर में हुए वाकये की याद दिलाता है। फर्क बस इतना है कि तब खुद पुलिसवाले ही साधुओं को बर्बर भीड़ के हवाले करते दिखते हैं। जबकि दुर्ग के वीडियो में सिर्फ एक पुलिसवाला है, जो साधुओं को भीड़ से बचाने की कोशिश करता दिखता है। पालघर में भीड़ साधुओं को पीट-पीटकर मार देती है, जबकि दुर्ग में उनकी जान बच जाती है। पिछले काफी समय से बच्चा चोरी के शक में भीड़ के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में सवाल ये है कि इसके पीछे साधुओं के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं?
जान लेने पर उतारू
भिलाई 3 थाने के चरोदा गांव में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में तीन साधुओं की बेरहमी से पिटाई की। सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंचती है और किसी तरह तीनों साधुओं को लिंच होने से बचाती है। साधुओं की पिटाई के दौरान ही किसी ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया जो वायरल हो चुका है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। भीड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घटना के केंद्र में बच्चा चोरी की अफवाह थी। पिछले कुछ दिनों में दुर्ग में बच्चा चोरी के शक में पिटाई की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
कौन रच रहा साजिश?
महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक, मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक...देश के तमाम राज्यों में बच्चा चोर होने के शक में साधुओं की पिटाई के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनकी राष्ट्रीय मीडिया में कोई खास चर्चा नहीं हुई है। ये सारी घटनाएं जहां हुई हैं, वहां पिछले कई दिनों से बच्चा चोरी करने वालों के सक्रिय होने की अफवाह फैली हुई थीं।
पिछले महीने सांगली में यूपी के 4 साधुओं की पिटाई के मामले में जो एफआईआर दर्ज हुई है उसके मुताबिक कुछ दिनों पहले एक स्थानीय मस्जिद में कुछ लोग आए थे और ऐलान किया था कि इलाके में कुछ बच्चा चोर सक्रिय हैं। एफआईआर के आधार पर पुलिस ने अरमान, वसीम, असलम, कौसर और शकरुद्दीन को गिरफ्तार किया था। उसी घटना से जुड़ी दूसरी एफआईआर में सत्येंद्र और अनस नाम के आरोपियों का जिक्र था। उसके मुताबिक, सत्येंद्र और अनस ने स्थानीय लोगों से कथित तौर पर कहा था कि इलाके में एक बच्चा चोर सक्रिय है।
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