सीएम बदला तो गिर सकती है राजस्थान सरकार... गहलोत गुट की नई मांग
<p><em><strong>अशोक गहलोत गुट के परसादी लाल मीणा और गोविंद राम मेघवाल तो यहां तक कह चुके हैं कि मध्यावधि चुनाव मंजूर है लेकिन सचिन पायलट का नेतृत्व मंजूर नहीं है। अब गहलोत गुट के विधायकों ने एक नई मांग सामने रख दी है। गहलोत गुट के विधायकों का कहना है कि अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं किया है। ऐसे में अब प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व बदलने की जरूरत ही नहीं है।</strong></em></p>
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस की सरकार खतरे में है। एक तरफ आलाकमान नये मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहा है तो दूसरी तरफ अशोक गहलोत गुट के विधायकों को नेतृत्व परिवर्तन मंजूर नहीं है। ऐसे में अगर कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने का निर्णय लिया तो बगावती तेवर अपनाने वाले विधायक बागी हो जाएंगे। गहलोत गुट के 70 से ज्यादा विधायक अचानक बागी हुए तो सरकार का गिरना तय है। इसी बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और सोनिया गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल होने दक्षिण भारत चले गए हैं।
अशोक गहलोत खेमे के कांग्रेसी विधायकों को सचिन पायलट किसी भी सूरत में मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं है। बीते दिनों ही मंत्री परसादी लाल मीणा, गोविंद राम मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, शांति धारीवाल, महेश जोशी, धर्मेंद्र राठौड़ कह चुके हैं कि उन्हें सचिन पायलट किसी भी सूरत में मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं है। परसादी लाल मीणा और गोविंद राम मेघवाल तो यहां तक कह चुके हैं कि मध्यावधि चुनाव मंजूर है लेकिन सचिन पायलट का नेतृत्व मंजूर नहीं है। अब गहलोत गुट के विधायकों ने एक नई मांग सामने रख दी है। गहलोत गुट के विधायकों का कहना है कि अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं किया है। ऐसे में अब प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व बदलने की जरूरत ही नहीं है। एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत अशोक गहलोत के पास मुख्यमंत्री का सिर्फ एक ही पद है। वे दूसरे किसी पद पर नहीं है।
अब दिग्विजय सिंह और मल्लिकार्जुन खड़गे टटोलेंगे विधायकों का मन
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे खुद के प्रचार में जुटे हैं। वे कांग्रेसी प्रतिनिधियों से अपने समर्थन में वोट देने की अपील कर रहे हैं। आगामी दो तीन दिनों में मल्लिकार्जुन खड़गे जयपुर आएंगे। यहां पर वे कांग्रेसी प्रतिनिधियों के साथ विधायकों से मुलाकात करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह भी खड़गे के साथ जयपुर आएंगे। खड़गे और दिग्विजय सिंह दोनों कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात करेंगे और इस सियासी संकट के बारे में जानकारी लेंगे। विधायकों से फीडबैक लेकर कांग्रेस हाईकमान को अवगत कराएंगे। उसी के बाद कांग्रेस आलाकमान अपना फैसला सुनाएगा।
What's Your Reaction?