बीसलपुर के सरस्वती शिशु / विद्यामंदिर के पुरातन विद्यार्थियों के सम्मेलन मेें आचार्यों का किया गया सम्मान, उन्होंने एक बार फिर पढ़ाए जिंदगी के सबक..!
<p><em>रविवार, 27 अगस्त 2023 को पीलीभीत में बीसलपुर के सरस्वती शिशु / विद्यामंदिर के पुरातन विद्यार्थियों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया। दूर-दराज के इलाकों से इस सम्मेलन में उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों यानी आचार्यों का यथोचित सम्मान भी किया।</em></p> <p><em><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1693226180school-6.jpg" style="height:450px; width:800px" /></em></p> <p><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1693226248teachers_on_dias-7.jpg" style="height:450px; width:800px" /></p> <p><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1693225829school-1.jpg" style="height:450px; width:800px" /></p>
विद्यार्थियों ने आपस में एक-दूसरे मिलकर जहां अपने स्कूली दिनों में की गयीं शरारतों को याद किया वहीं आचार्यों की इन दिनों औपचारिक पढ़ाई के साथ मिलने वाले जीवन के सबकों को भी खूब याद किया। पुरातन विद्यार्थियों को एक बार फिर अपने आचार्यगण श्री ठाकुर दास जी, श्री हरिपाल सिंह जी, श्री इंद्रजीत जी, श्री प्रेम प्रकाश जी, श्री पूरनलाल जी, श्री सर्वेश जी, श्री संतोष जी और श्री ओम प्रकाश जी का एक फिर आशीर्वचन सुनने को मिले। लेकिन, इस बार आचार्यों के आशीर्वचनों को पुरातन विद्यार्थियों ने अतिरिक्त गंभीरता के साथ सुना।
सभी आचार्यों का यही कहना है कि आज भले ही जीवन में विद्यार्थी वाणिज्यिक तौर पर सफल हो गये हों लेकिन उनकी सफलता सही मायनों में तभी सार्थक है जबकि वे राष्ट्र के लिए कुछ काम आएंगे। आचार्यों ने कहा कि विद्यार्थी विद्यालय में ज्ञानार्थ प्रवेश करते हैं और देश सेवा के लिए प्रस्थान करते हैं। इसीलिए देश को प्रथम वरीयता देना चाहिए और यही संस्कार भविष्य की पीढ़ी को भी देना चाहिए। उधर, विद्यार्थियों का भी यही मानना है कि यदि वे जीवन में सफल हुए हैं विद्याभारती से संबद्ध स्कूलों के संस्कारों की वजह से ही हुए हैं। उल्लेखनीय है कि बीसलपुर का सरस्वती शिशु / विद्यामंदिर भी विद्याभारती से ही संबद्ध रहा है।
कार्यक्रम में विद्यार्थी न केवल अपने स्कूली शिक्षकों के साथ फोटोज खींचते और खिंचाते दिखे बल्कि अपने सहपाठी विद्यार्थियों के साथ का भी उन्होंने खूब मजा लिया। पुरातन विद्यार्थी सम्मेलन में जोधपुर से प्रदीप नगायच, जयपुर से रवींद्र गंगवार, उदयपुर से दीपक, सोनीपत से अर्चना दीक्षित और मुकेश दुबे पहुंचे। इसी तरह नोएडा से सुधीर गौड़, रामपुर डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल अतुल शर्मा, देहरादून से सारिका जैसवाल भी सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन को आयोजित करने मे बरेली के डॉक्टर संदीप अग्रवाल, पंकज पाठक और पीलीभीत के सर्वेंद्र नाथ शुक्ला प्रमुख योगदान रहा। इनके बिना यह सम्मेलन आयोजित कर पाना टेढ़ी खीर था। कार्यक्रम के पश्चात पुरातन विद्यार्थी विद्यालय के विकास और बिना किसी पूर्वाग्रह के आपस में एक-दूसरे से मिलने को लेकर प्रतिबद्ध दिखायी दिये।
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