नाम पर कभी बना था मजाक... टाटा की हो सकती है 1000 करोड़ की यह कंपनी

<p><em><strong>चिंग्स के नूडल्स तो आप सभी ने खाए ही होंगे... इंडियन मार्केट में &lsquo;देसी चाइनीज हमारा&rsquo; के नाम पर एंट्री करने वाली कंपनी का कारोबार करोड़ों में फैल गया है। खबर आ रही है कि अब टाटा गु्रप इस कंपनी को खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहा है।</strong></em></p>

नाम पर कभी बना था मजाक... टाटा की हो सकती है 1000 करोड़ की यह कंपनी
25-11-2023 - 09:11 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चिंग्स के नूडल्स तो आप सभी ने खाए ही होंगे... इंडियन मार्केट में ‘देसी चाइनीज हमारा’ के नाम पर एंट्री करने वाली कंपनी का कारोबार करोड़ों में फैल गया है। खबर आ रही है कि अब टाटा इंडस्ट्रीज इस कंपनी को खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहा है। घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाने वाली देसी चाइनीज चिंग्स टाटा के पास जा सकती है। 
सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, टाटा इस कंपनी को 5500 करोड़ में खरीदना चाहती है। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कैपिटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को खरीदने की रेस में सबसे आगे निकल गई है।
कई कंपनियां रेस में हैं शामिल
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा पहले इस कंपनी का 65 से 70 फीसदी हिस्सा खरीदेगी। इसके बाद में बाकी का हिस्सा खरीदा जाएगा। इस सौदे के लिए टाटा ने 5500 रुपये का वैल्यूएशन लगाया है। फिलहाल इस डील के लिए कई अन्य कंपनियों का नाम भी सामने आ रहा है। 
1995 में हुई थी कंपनी की शुरुआत
साल 1995 में अजय गुप्ता ने चिंग्स की शुरुआत की थी। अजय का चिंग्स को लेकर आइडिया काफी सिंपल था। उन्होंने देश के कोने-कोने में घूमकर देखा। इस दौरान उन्होंने पाया कि देश में चाइनीज के नाम पर इंडियन स्वाद मिसिंग है। इसके साथ ही इस सेगमेंट में कोई बड़ा ब्रांड भी नहीं है जो इसको आगे ले जा सके। इसको देखने के बाद ही आदित्य ने चाइनीज फूड इंग्रीडिएंट्स को रोड साइड स्टॉल तक पहुंचाया है। 
सॉस-मसाले समेत लॉन्च किए कई प्रोडक्ट्स
इसके साथ ही चिंग्स ने बाजार में कई तरह के मसाले और सॉस भी लॉन्च किए हैं। इस समय मार्केट में सभी तरह के सॉस जैसे- ग्रीन चिली, रेड चिली, सोया सॉस समेत कई प्रोडक्ट को उतारा है। इसके अलावा हक्का नूडल्स जैसे कई प्रोडक्ट निकाले हैं 
पहले फ्री में दिए थे लोगों को प्रोडक्ट्स
शुरुआत मे अजय को इस प्रोडक्ट को बेचने को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। जब डिस्ट्रीब्यूटर ने उनके प्रोडक्ट्स को बेचने से मना कर दिया तो उन्होंने रोड साइड फूड स्टॉक को फ्री में अपने प्रोडक्ट देना शुरू कर दिया। रोड साइड खड़े होने वाले स्टॉक ओनर चिंग्स के प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने लगे। इसके बाद में अजय ने चिंग्स को फूड स्टॉक की तरह स्पॉन्सर किया। फिलहाल अब देश के हर कोने में आपको चिंग्स के प्रोडक्ट्स मिल जाएंगे। 
2023 में 1000 करोड़ की बनी कंपनी 
चिंग्स के कारोबार की बात की जाए तो कंपनी का रेवेन्यू करीब 110 करोड़ रुपये था। इसके बाद में यह 350 करोड़ रुपये का एक ब्रांड बनकर सामने आया। इस समय देश के करीब 1।5 लाख स्टोर्स पर चिंग्स के प्रोडक्ट उपलब्ध है। वहीं, 11 राज्यों में चिंग्स चाइनीज के प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं। चिंग्स चाइनीस का कारोबार बढ़ता रहा और साल 2023 में यह 1000 करोड़ रुपये की कंपनी बन गई।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।