सुरक्षा खामियों से बचने के लिए बनेंगे आत्मनिर्भर , लैपटॉप के आयात पर प्रतिबंध, लाइसेंस हुआ अनिवार्य

<p>India Ban Laptop Imports: ऐप्पल, सैमसंग और एचपी समेत कई बड़ी कंपनियों ने बिना लाइसेंस के इनबाउंड शिपमेंट पर अचानक प्रतिबंध के बाद भारत में लैपटॉप और टैबलेट के नए आयात को रोक दिया है।भारत के नियामकों ने 3 अगस्त को एक आदेश में बिना लाइसेंस के छोटे टैबलेट से लेकर ऑल-इन-वन पीसी तक इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है।&nbsp;अचानक आये इस आदेश से दुनिया टॉप पीसी निर्माता आश्चर्यचकित रह गए हैं।</p>

सुरक्षा खामियों से बचने के लिए बनेंगे आत्मनिर्भर , लैपटॉप के आयात पर प्रतिबंध, लाइसेंस हुआ अनिवार्य
05-08-2023 - 01:18 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

प्रतिबंध के तहत अब उत्पादों को आयात के लिए सरकार से लाइसेंस या अनुमति की आवश्यकता होगी। सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर और अल्ट्रा-स्मॉल कंप्यूटर और सर्वर सहित एचएसएन 8741के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की सात श्रेणियों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है

दिवाली की खरीदारी के मौसम में निर्माता परेशान
टेक कंपनियां अब केंद्र सरकार के साथ जुटी हुई हैं कि दिवाली की खरीदारी के मौसम और स्कूल कॉलेज खुलने की अवधि नजदीक आने के साथ तेजी से लाइसेंस कैसे प्राप्त किया जाए। यह स्पष्ट नहीं है कि ऐप्पल और अन्य कंपनियों को लाइसेंस प्राप्त करने में कितना समय लगेगा, लेकिन यह रुकावट पहले से ही एक महत्वपूर्ण समय में विदेशी पीसी में अरबों डॉलर के व्यापार को बाधित कर रही है।

माल तैयार , बिक्री सुस्त 
लाइसेंस की इस नई आवश्यकता ने उन पीसी निर्माताओं के लिए अतिरिक्त सिरदर्द पैदा कर दिया है जो पहले से ही इन्वेंट्री की वैश्विक बहुतायत से जूझ रहे हैं। गोदामों में माल भरा है लेकिन बिक्री बहुत सुस्त है। अब नई जरूरतों  के परिणामस्वरूप भारत में नए मॉडलों की लॉन्च में देरी हो सकती है या बाजार में ऐसे उत्पाद की कमी हो सकती है जो अभी भी काफी हद तक विदेशों से शिपमेंट पर निर्भर हैं।

क्या है प्रतिबन्ध का  कारण :

सुरक्षा खामियों के कारण लगा प्रतिबंध
सूत्रों के अनुसार भारत में इंटरनेट सभी उपयोगकर्ताओं के लिए 'खुला, सुरक्षित और विश्वसनीय और जवाबदेह' हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इंटरनेट के विस्तार और अधिकतम भारतीयों के ऑनलाइन आने के साथ साइबर आपराधिकता की संभावना भी बढ़ गई है। साइबर सुरक्षा खतरों की विभिन्न घटनाएं भी सामने आई हैं।
सूत्रों का कहना है कि आईटी हार्डवेयर में हार्डवेयर बैकडोर और फर्मवेयर मैलवेयर जैसी अंतर्निहित सुरक्षा खामियां संभावित रूप से संवेदनशील व्यक्तिगत और एंटरप्राइज डाटा को खतरे में डाल सकती हैं। सुरक्षित हार्डवेयर प्रदान करना सुरक्षा की नींव है। सरकार ने देश और उसके नागरिकों के सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए यह प्रतिबंध लगाए हैं।

आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य भी हो सकता है बदलाव की वजह 
कम्प्यूटरों के आयात पर प्रतिबंध दरअसल भारत के नीतिगत बदलावों का एक उदाहरण है, जिसके तहत विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात को हतोत्साहित करने के लिए लंबे समय से चले आ रहे उपाय किये जा रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत में ही आंशिक रूप से विश्व स्तरीय तकनीकी विनिर्माण उद्योग बनाने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षाओं को साकार करना है।

भारत में लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा चीनी विनिर्माण या असेंबली से आता है, सो नए निर्देश के पीछे सरकार का मकसद घरेलू उत्पादन में वृद्धि की दिशा में बदलाव को बढ़ावा देना प्रतीत होता है। यह स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में अपनाई गई सफल रणनीति को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार वर्तमान में लैपटॉप, टैबलेट और अन्य हार्डवेयर के निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए 170 अरब रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन मांग रही है। भारत में प्रोडक्शन के लिए सहूलियत दी जा रही हैं।

व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेश  से ला सकते हैं
जो लोग विदेश यात्रा करते हैं वे भारत वापस लौटते समय आयात प्रतिबंध के बिना अपने सामान में एक लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर या अल्ट्रा-स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर ला सकते हैं। यह छूट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदी गई और पोस्ट या कूरियर के माध्यम से भेजी गई वस्तुओं पर लागू होती है।

- इसके अलावा, आयात लाइसेंस प्रति शिपमेंट 20 वस्तुओं तक की छूट भी देते हैं, विशेष रूप से अनुसंधान, परीक्षण, मूल्यांकन, मरम्मत, पुनः निर्यात और उत्पाद विकास के लिए। आयात की अनुमति इस शर्त के तहत दी जाती है कि उनका उपयोग केवल उनके निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाता है, बेचा नहीं जाता है, और उनके निर्दिष्ट उपयोग के बाद या तो अनुपयोगी बना दिया जाता है या फिर से निर्यात किया जाता है।

- सरल शब्दों में कहें तो आप अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए या उपहार देने के उद्देश्य से एक उपकरण ला सकते हैं, लेकिन आप इसे भारत में नहीं बेच सकते। इसके अलावा, आपको इसे भारत लाने के लिए सीमा शुल्क शुल्क का भुगतान करना होगा।

बहरहाल,सरकार के नए लाइसेंसी आदेश का बाजार पर क्या असर होता है ये जल्द ही सामने आ जायेगा। दाम भी बढ़ सकते हैं या सेकेंड हैंड उपकरणों का बाजार गर्म हो सकता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।