राजस्थान में मंत्री की रेस में कौन-कौन? पहले फेज में बन सकते हैं 20 मंत्री 

<p><em><strong>राजस्थान में भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने सबको चौका दिया है। अब मंत्री पद की रेस में भी नए और चौकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में पुराने चेहरों के साथ नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिलेगा।</strong></em></p>

राजस्थान में मंत्री की रेस में कौन-कौन? पहले फेज में बन सकते हैं 20 मंत्री 
14-12-2023 - 10:49 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

आरएसएस से जुड़ाव वाले ज्यादा चेहरों को ही मंत्री बनाए जाने की संभावना है। पहले फेज में 20 मंत्री बन सकते हैं। जो 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ ही शपथ ले सकते हैं। मंत्रियों के नामों पर जयपुर से लेकर दिल्ली तक एक्सरसाइज शुरू हो चुकी है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने वाले नामों को फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

राजस्थान में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 30 मंत्री बन सकते हैं। भजनलाल शर्मा सीएम, दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा डिप्टी सीएम बन चुके हैं। एक सीएम और दो डिप्टी सीएम बनने के बाद अब 30 में से 3 जगह भर चुकी हैं। कोटे के हिसाब से अब 27 मंत्री बन सकते हैं। पहले फेज में करीब 20 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें 10 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री हो सकते हैं। पांच से सात जगह खाली रखी जा सकती है। बची हुई जगहों को लोकसभा चुनाव के बाद भरे जाने का विकल्प रखा जा सकता है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश
बीजेपी में सबसे ज्यादा विधायक एससी-एसटी, राजपूत, जाट, ब्राह्मण वर्ग से जीतकर आए हैं। इसके अलावा वैश्य और बीजेपी का वोट बैंक मानी जाने वाली ओबीसी जातियों के विधायकों की संख्या भी अधिक है। इन जातियों के विधायकों की संख्या के हिसाब से मंत्रिमंडल में जगह देकर जातीय संतुलन बनाने का प्रयास किया जा सकता है।
कौन होगा गृह मंत्री?
गृह मंत्री के नाम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी आमतौर पर ऐसे नेता को दी जा सकती है, जिसकी हिंदूवादी नेता की छवि हो। बाबा बालकनाथ और किरोड़ीलाल मीणा का नाम गृह मंत्री के तौर पर चल रहा है।
किरोड़ीलाल मीणा (सवाई माधोपुर): राजस्थान के सबसे सीनियर नेताओं में से एक। विपक्ष में रहकर कांग्रेस का मुखर विरोध किया। पेपर लीक और घोटालों को मुद्दा बनाया। मीणा वोट बैंक पर गहरी पकड़। दो बार लोकसभा सांसद रहे हैं। एक बार राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं। वसुंधरा सरकार में खाद्य मंत्री रह चुके हैं।
बाबा बालकनाथ (तिजारा): भाजपा का हिंदूवादी चेहरा। नाथ संप्रदाय के बड़े मठ के मठाधीश और बड़ा श्रद्धालु वर्ग जुड़ा है। अलवर से सांसद रहे हैं।
35 से ज्यादा विधायक मंत्री बनने के दावेदार
35 से ज्यादा विधायक मंत्री बनने के दावेदारों में आगे माने जा रहे हैं। किरोड़ीलाल मीणा, महंत बालकनाथ, महंत प्रतापपुरी, विश्वराज सिंह मेवाड़, जेठानंद व्यास, मदन दिलावर, जोगेश्वर गर्ग, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जितेंद्र गोठवाल, झाबर सिंह खर्रा, नौक्षम चौधरी, दीप्ति किरण माहेश्वरी, अनिता भदेल, जवाहर सिंह बेडम, जगत सिंह, हंसराज पटेल, पब्बाराम विश्नोई, हीरालाल नागर, भैराराम चौधरी, लालाराम बैरवा, संजय शर्मा, गोपाल शर्मा, लादूलाल पितलिया, जयदीप बिहाणी और ताराचंद जैन के नाम प्रमुख दावेदारों में हैं।
महिलाओं में अनिता-नौक्षम-दीप्ति रेस में आगे
तीन से चार महिला मंत्री बन सकती हैं। इस बार बीजेपी ने केंद्र में महिला आरक्षण बिल पास करवाया है। वह लागू बाद में होगा, लेकिन मैसेज देने के हिसाब से राजस्थान में महिला मंत्रियों की संख्या में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। दीया कुमारी को डिप्टी सीएम बनाकर मैसेज दिया जा चुका है। महिलाओं में दीप्ति किरण माहेश्वरी, अनिता भदेल, नौक्षम चौधरी, सिद्धि कुमारी के नाम दावेदारों में हैं। वसुंधरा राजे सरकार में किरण माहेश्वरी, अनिता भदेल और कमसा मेघवाल मंत्री थीं। इस संख्या को बढ़ाया जा सकता है।
दलित वर्ग: डिप्टी सीएम देने के बाद दो से तीन मंत्री संभव
दलित वर्ग पर बीजेपी मजबूत पकड़ बनाने का प्रयास कर रही है। बीजेपी में 16 विधायक दलित हैं। बीजेपी ने प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाकर दलित वर्ग को साधने का मैसेज दिया है। जोगेश्वर गर्ग (जालोर), मदन दिलावर (रामगंजमंडी), जितेंद्र गोठवाल (खंडार), लालाराम बैरवा (शाहपुरा) इस कतार में हैं।
राजपूत समाज से 17 विधायक, दावेदारों की लंबी कतार
पिछले चुनावों में राजपूतों की नाराजगी से बीजेपी को नुकसान हुआ था। इस बार 17 विधायक राजपूत समाज से जीतकर आए हैं। राजपूत समाज से प्रमुख नेताओं को मंत्री बनाकर मैसेज दिया जा सकता है। महंत प्रतापपुरी, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, विश्वराज सिंह मेवाड़, सिद्धि कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सुरेंद्र सिंह राठौड़ के नामों पर विचार चल रहा है।
ब्राह्मण समाज से मंत्री बनने के कई दावेदार
भजनलाल शर्मा को सीएम बनाकर ब्राह्मण समाज को मैसेज दिया गया है। ब्राह्मण समाज के 12 विधायक जीतकर आए हैं। सीएम बनने के बाद अब मंत्री बनने की रेस में भी कई विधायक दावेदार हैं। ब्राह्मण विधायकों में गोपाल शर्मा, जेठानंद व्यास, संजय शर्मा, संदीप शर्मा के नामों पर विचार चल रहा है।
12 जाट विधायकों में कई दावेदार 
बीजेपी के 12 जाट विधायक भी जीतकर आए हैं। किसान वर्ग को साधने के लिए भी मंत्री बनाए जाएंगे। लोकसभा चुनावों से पहले जाट वर्ग को मैसेज देने के लिए मंत्री बनाए जाएंगे। जाट विधायकों में झाबर सिंह खर्रा, भैराराम सियोल, जगत सिंह, सुमित गोदारा, अजय सिंह किलक के नाम दावेदारों में हैं। जाटों के अलावा विश्नोई, कलवी-पटेल, धाकड़ नागर समाज से भी कुछ मंत्री बनाए जा सकते हैं। 
आदिवासी समाज का भी रहेगा प्रतिनिधित्व
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस इलाके से नए चेहरों को मंत्री बनाया जाएगा। मेवाड़ और आदिवासी बेल्ट में बीजेपी हमेशा से मजबूत रही है। इस बार भी मेवाड़ में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन आदिवासी इलाके में बीएपी ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। आदिवासी इलाके से दो से तीन मंत्री बनाए जा सकते हैं।
वैश्य वर्ग से 2 मंत्री संभव
वैश्य वर्ग से बीजेपी में आठ विधायक हैं। इसे पार्टी का बड़ा और समर्पित वोट बैंक माना जाता है। वैश्य समाज से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। महिला चेहरे के तौर पर दीप्ति माहेश्वरी के अलावा तीन नाम चर्चा में हैं। राजपुरोहित समाज से छगन सिंह राजुपरोहित, कुमावत समाज से जोराराम की चर्चा हो रही है। 
मंत्री नहीं बनने वालों को संसदीय सचिव बनाया जाएगा
जो दावेदार मंत्री नहीं बन पाएंगे, उनके लिए संसदीय सचिव बनाए जाने का विकल्प है। आधा दर्जन संसदीय सचिव भी बनाए जाने हैं। जिन इलाकों से मंत्री नहीं बनेंगे, उन्हें संसदीय सचिव बनाकर प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।