पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान कि "विपक्ष अब न्यायपालिका की भूमिका निभा रहा है," पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का काम कानूनों की समीक्षा करना है, न कि संसद या विधानसभाओं में विपक्ष की भूमिका निभाना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष और न्यायपालिका की भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी
29-11-2024 - 05:54 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान कि "विपक्ष अब न्यायपालिका की भूमिका निभा रहा है," पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का काम कानूनों की समीक्षा करना है, न कि संसद या विधानसभाओं में विपक्ष की भूमिका निभाना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष और न्यायपालिका की भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं। यह टिप्पणी चंद्रचूड़ ने एक साक्षात्कार के दौरान की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठकों और उनके घर गणेश पूजा के दौरान प्रधानमंत्री की उपस्थिति पर भी चर्चा की।

चंद्रचूड़ ने राहुल गांधी के बयान का खंडन करते हुए कहा कि न्यायपालिका का कार्य कानूनों की समीक्षा करना है, न कि विपक्ष की भूमिका निभाना। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर न्यायपालिका की भूमिका को गलत समझते हैं और इसे विपक्ष के रूप में कार्य करने की उम्मीद करते हैं, जो उचित नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष और न्यायपालिका दोनों के अपने-अपने स्थान और भूमिकाएं होती हैं।

चंद्रचूड़ ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ लोग न्यायपालिका का दुरुपयोग कर इसे राजनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर सीधा जवाब देने से परहेज किया, जिसमें कहा गया था कि विपक्ष मीडिया, जांच एजेंसियों और न्यायपालिका की ओर से अकेले काम कर रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर बहस में शामिल होने से इनकार कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठकों के बारे में पूछे जाने पर चंद्रचूड़ ने कहा कि आधिकारिक बैठकों के दौरान इंसान होने के नाते बातचीत करना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता के बीच नियुक्तियों के लिए चयन समिति का हिस्सा बनने पर ऐसी चर्चाएं सामान्य हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निर्णय लेने के बाद चाय पर क्रिकेट और फिल्मों जैसे विभिन्न विषयों पर हल्की-फुल्की बातचीत करना सामान्य है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनके घर गणेश पूजा में भाग लेने को लेकर हुए विवाद पर चंद्रचूड़ ने कहा कि ऐसे सामाजिक अवसरों पर प्रधानमंत्री का जजों के घर जाना असामान्य नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि लोगों को उनके काम का मूल्यांकन उनके पेशेवर आचरण के आधार पर करना चाहिए, न कि सामाजिक मेलजोल के आधार पर। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ऐसे दौरे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं करते।

सितंबर में उस समय विवाद हुआ था जब प्रधानमंत्री मोदी ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के घर गणेश पूजा में भाग लिया। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे हितों के टकराव का मुद्दा बताया। चंद्रचूड़ ने दोहराया कि लोगों को उनके काम का आकलन उनके पेशेवर कर्तव्यों के आधार पर करना चाहिए और यह सुनिश्चित किया कि न्यायपालिका अपनी स्वतंत्रता बनाए रखती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।