भारत के पास पाकिस्तान से ज्यादा परमाणु हथियार, चीन काफी आगे: SIPRI रिपोर्ट
दिल्ली। भारत के पास पाकिस्तान से अधिक परमाणु हथियार हैं, हालांकि चीन के पास भारत की तुलना में तीन गुना से अधिक परमाणु हथियार हैं। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की ईयरबुक में दी गई है..
नयी दिल्ली। भारत के पास पाकिस्तान से अधिक परमाणु हथियार हैं, हालांकि चीन के पास भारत की तुलना में तीन गुना से अधिक परमाणु हथियार हैं। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की ईयरबुक में दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 तक भारत के पास 180 परमाणु वॉरहेड (संचित) हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु वॉरहेड होने का अनुमान है। वहीं चीन के पास 600 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से 24 वॉरहेड तैनात हैं – यानी वे मिसाइलों पर लगे हुए हैं या उन ठिकानों पर हैं जहां परिचालन बल सक्रिय हैं।
SIPRI ने कहा कि भारत ने 2024 में एक बार फिर अपने परमाणु भंडार में थोड़ा विस्तार किया है और नई परमाणु डिलीवरी प्रणालियों का विकास भी जारी रखा है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि भारत की नई ‘कैनिस्टराइज्ड मिसाइलें’, जिन्हें वॉरहेड के साथ शांति काल में भी ले जाया जा सकता है, भविष्य में एक मिसाइल पर एक से अधिक वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकती हैं।
वहीं पाकिस्तान भी नई डिलीवरी प्रणालियों का विकास और फिसाइल मटेरियल (नाभिकीय ईंधन) का संचयन करता रहा, जिससे संकेत मिलता है कि उसका परमाणु भंडार आने वाले दशक में बढ़ सकता है।
रिपोर्ट में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का भी संक्षिप्त उल्लेख किया गया। SIPRI के डब्ल्यूएमडी (Weapons of Mass Destruction) कार्यक्रम के शोधकर्ता मैट कोर्डा ने कहा, “परमाणु-संबंधित सैन्य ढांचों पर हमले और तीसरे पक्ष द्वारा फैलाया गया दुष्प्रचार पारंपरिक संघर्ष को परमाणु संकट में बदलने का खतरा पैदा करता है।”
रिपोर्ट के अनुसार, रूस और अमेरिका के पास सबसे बड़े परमाणु भंडार हैं..
- रूस के पास 5,459
- अमेरिका के पास 5,177
(इनमें रिटायर किए गए हथियार भी शामिल हैं।)
SIPRI ने बताया कि रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया डुअल-कैपेबल मिसाइलें तैनात करते हैं और सभी देश इन क्षमताओं को आधुनिक बनाने में लगे हैं।
“2000 के दशक के मध्य तक केवल फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका ही मल्टी-वॉरहेड मिसाइलें तैनात करते थे। लेकिन अब चीन ने ऐसी दो मिसाइलें विकसित की हैं और भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया भी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।”
भारत की बढ़ती परमाणु शक्ति पर रिपोर्ट में कहा गया है कि ये हथियार अब भारत की परिपक्व हो रही परमाणु त्रयी (nuclear triad) — वायुसेना, भूमि आधारित मिसाइलें और परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बियों (SSBNs) — को सौंपे जा रहे हैं।
रिपोर्ट ने यह भी कहा
“अब तक माना जाता रहा है कि भारत शांति काल में अपने वॉरहेड्स को लॉन्चर से अलग रखता है, लेकिन हालिया कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों की तैनाती और समुद्री गश्त के संकेत बताते हैं कि भारत अब कुछ हथियारों को शांति काल में ही लॉन्चर से जोड़ने की ओर बढ़ रहा है।”
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि हालांकि भारत का परमाणु प्रतिरोध मुख्यतः पाकिस्तान की ओर केंद्रित रहा है, लेकिन अब भारत चीन के खिलाफ लंबी दूरी की मारक क्षमता पर भी ध्यान दे रहा है।
रिपोर्ट के अंत में कहा गया कि 2020-2024 के दौरान 162 देशों ने बड़े पैमाने पर हथियार प्राप्त किए। इनमें
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