ईरान-इज़राइल संघर्ष के पांचवें दिन ट्रंप ने तेहरान खाली करने की अपील की
ईरान और इज़राइल के बीच लगातार पांचवें दिन भी हमले जारी रहे, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों से तेहरान छोड़ने की अपील की..
वॉशिंगटन। ईरान और इज़राइल के बीच लगातार पांचवें दिन भी हमले जारी रहे, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों से तेहरान छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चेतावनी ईरान द्वारा परमाणु हथियारों पर रोक लगाने वाले समझौते को अस्वीकार करने के चलते दी गई है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप कनाडा में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन को एक दिन पहले ही छोड़ने वाले हैं, ताकि वे मध्य पूर्व की स्थिति पर ध्यान केंद्रित कर सकें। Fox News ने बताया कि ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने जा रहे हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप के समय से पहले कनाडा छोड़ने के फैसले को सकारात्मक बताया और कहा कि इसका तात्कालिक उद्देश्य ईरान और इज़राइल के बीच युद्धविराम सुनिश्चित करना होना चाहिए।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "ईरान को वही समझौता स्वीकार कर लेना चाहिए था, जो मैंने उन्हें बताया था। यह एक शर्मनाक बात है और मानवीय जीवन का अपव्यय है। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए!"
इस बयान के कुछ ही समय बाद, ईरानी मीडिया ने मंगलवार तड़के तेहरान में विस्फोट और भारी वायु रक्षा गोलाबारी की खबर दी। नतांज, जो कि ईरान के एक प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठान का केंद्र है, वहां भी वायु सुरक्षा प्रणाली सक्रिय की गई।
वहीं इज़राइल के तेल अवीव शहर में भी मंगलवार रात एयर सायरन बजे और ईरानी मिसाइल हमले के चलते विस्फोट की आवाजें सुनी गईं।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में 224 नागरिकों की मौत हो चुकी है। इज़राइल ने कहा कि उसके यहां 24 नागरिक मारे गए हैं और करीब 3,000 लोग ईरानी हमलों के कारण घरों से विस्थापित हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि तेहरान ने ओमान, कतर और सऊदी अरब से अनुरोध किया है कि वे ट्रंप से कहें कि वह इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर युद्धविराम के लिए दबाव बनाएं। इसके बदले में, ईरान परमाणु वार्ता में कुछ लचीलापन दिखाने को तैयार है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अऱाक़ची ने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा, "अगर राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीति के प्रति गंभीर हैं और इस युद्ध को रोकना चाहते हैं, तो अगले कदम बेहद अहम होंगे। इज़राइल को आक्रामकता रोकनी होगी। यदि हमारे विरुद्ध सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी, तो हमारे जवाब जारी रहेंगे।"
इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार को कहा,"हम ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से उत्पन्न खतरों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अगर इसे किसी और तरीके से हासिल किया जा सकता है तो ठीक है, लेकिन हमने पहले ही 60 दिन का मौका दे दिया था।"
Reuters से शुक्रवार को बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान को यूरेनियम संवर्धन रोकने के लिए 60 दिन का समय दिया था, लेकिन वह समझौते पर नहीं पहुंचे।
इज़राइल ने इस संघर्ष की शुरुआत एक आश्चर्यजनक हवाई हमले से की, जिसमें ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों और प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इज़राइल का दावा है कि वह अब ईरानी हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण पा चुका है और आने वाले दिनों में अभियान और तेज़ करेगा।
ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान कहा,"मैंने पहले ही कहा था कि या तो समझौता होगा या कुछ और होगा, लेकिन मुझे लगता है कि समझौता होगा। ईरान अगर यह नहीं करता तो मूर्खता कर रहा है।"
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