'मैंने इसकी योजना नहीं बनाई': अमेरिका में थरूर को बेटे ने ही घेरा, पूछा – क्या पकिस्तान का कोई हाथ है पहलगाम हमले में?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जो कि पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए अमेरिका यात्रा पर गए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, को उनके बेटे ने ही उस समय असहज सवालों में घेर लिया जब उनसे यह पूछा गया कि पाकिस्तान बार-बार पहलगाम आतंकी हमले में अपनी संलिप्तता..
न्यूयॉर्क। कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जो कि पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए अमेरिका यात्रा पर गए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, को उनके बेटे ने ही उस समय असहज सवालों में घेर लिया जब उनसे यह पूछा गया कि पाकिस्तान बार-बार पहलगाम आतंकी हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार करता रहा है, तो क्या उनके पास इसका कोई पुख्ता सबूत है?
न्यूयॉर्क में ‘काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस’ की प्रेस कांफ्रेंस में थरूर से यह सवाल उनके बेटे ईशान थरूर ने किया, जो खुद एक पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पिता से पूछा कि क्या किसी देश ने उनके प्रतिनिधिमंडल से इस बात के सबूत मांगे कि पाकिस्तान का 22 अप्रैल को हुए उस आतंकी हमले में हाथ था, जिसमें धार्मिक आधार पर 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद उनका अगला सवाल यही था कि जब पाकिस्तान लगातार इस हमले में भूमिका से इनकार कर रहा है, तो फिर भारत का पक्ष क्या है?
जब ईशान ने सवाल पूछने के लिए खड़े हुए, तो शशि थरूर ने मुस्कुराते हुए मज़ाक में कहा, “ये अनुमति नहीं होनी चाहिए… ये मेरा बेटा है।”
अपने बेटे के सवाल का जवाब देते हुए थरूर ने कहा, “मुझे खुशी है कि तुमने ये सवाल पूछा। मैंने इसे प्लांट नहीं किया, ये मैं वादा करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद सबूत न होते, तो वह इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई नहीं करता।
थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल के विदेश दौरों के दौरान किसी भी देश ने भारत से कोई सबूत नहीं मांगा।
उन्होंने कहा, “बिलकुल साफ तौर पर कहूं तो किसी को कोई संदेह नहीं था और हमसे सबूत नहीं मांगे गए। हाँ, मीडिया ने दो-तीन जगह यह सवाल जरूर उठाया। लेकिन, मैं स्पष्ट कह दूं कि भारत ने जो किया वह बिना ठोस सबूत के नहीं किया गया।”
शशि थरूर ने बेटे के सवाल पर दिए ‘तीन बड़े तर्क’
थरूर ने पाकिस्तान की संलिप्तता के तीन मुख्य कारण गिनाए और बताया कि कैसे पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देता रहा है और फिर सबूतों के बावजूद उससे इनकार करता रहा है। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले और ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित सेना छावनी के पास छिपे होने की घटनाओं का भी हवाला दिया।
उन्होंने कहा, “मैं फिर दोहराऊंगा कि भारत ने यह कदम बिना ठोस सबूत के नहीं उठाया। लेकिन मैं तीन अहम बातें आपके ध्यान में लाना चाहता हूं।
पहला – पिछले 37 वर्षों से पाकिस्तान से आतंकी हमले होते रहे हैं, और हर बार पाकिस्तान ने इनकार किया है।”
थरूर ने कहा कि “अमेरिका को भी यह याद है कि पाकिस्तान ने यह दावा किया था कि उसे नहीं पता था ओसामा बिन लादेन कहां है, जबकि वह पाकिस्तान की एक सेना छावनी के पास सुरक्षित मकान में मिला। यही है पाकिस्तान की सच्चाई।
मुंबई हमलों के वक्त भी उन्होंने यही किया – उन्होंने इनकार किया। हमें पता है कि पाकिस्तान क्या करता है।”
थरूर ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान आतंकियों को भेजता है, फिर खुद को अलग बताता है – जब तक कि वे रंगे हाथों पकड़े न जाएं।”
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