डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त की: भारतीय अमेरिकियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले दिन कई बड़े कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ऊर्जा, अपराध माफी, और आव्रजन से जुड़े आदेश शामिल थे। इनमें से एक आदेश ने जन्मसिद्ध नागरिकता (birthright citizenship) को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे अमेरिका में अस्थायी वीज़ा पर रह रहे लाखों भारतीयों को नुकसान हो सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त की: भारतीय अमेरिकियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
22-01-2025 - 09:03 AM

वाशिंग्टन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले दिन कई बड़े कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ऊर्जा, अपराध माफी, और आव्रजन से जुड़े आदेश शामिल थे। इनमें से एक आदेश ने जन्मसिद्ध नागरिकता (birthright citizenship) को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे अमेरिका में अस्थायी वीज़ा पर रह रहे लाखों भारतीयों को नुकसान हो सकता है।

जन्मसिद्ध नागरिकता क्या है?

जन्मसिद्ध नागरिकता एक कानूनी सिद्धांत है जिसके तहत किसी भी बच्चे को उस देश की नागरिकता प्राप्त होती है, जहां उसका जन्म होता है, चाहे उसके माता-पिता की राष्ट्रीयता या आव्रजन स्थिति कुछ भी हो।
1868 में अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में इसे स्पष्ट किया गया था। इसमें कहा गया है:
"अमेरिका में जन्मे या प्राकृतिक रूप से नागरिक बने सभी व्यक्ति, और जो यहां के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, अमेरिका के नागरिक हैं।"

1898 के एक सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इसे स्पष्ट किया गया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को पूर्ण नागरिकता दी जाएगी, भले ही उनके माता-पिता स्थायी निवासी हों लेकिन नागरिकता के लिए पात्र न हों।

ट्रंप के आदेश में क्या है?

ट्रंप के आदेश में कहा गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को अब नागरिकता नहीं दी जाएगी, यदि उनके माता-पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक नहीं है।
आदेश में यह भी तर्क दिया गया कि 14वें संशोधन की व्याख्या गलत की गई है और इसे "अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में होने" की परिभाषा पर पुनर्विचार की जरूरत है।
आदेश के मुताबिक, यह नियम 30 दिनों में लागू होगा, हालांकि इसे कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

भारतीय-अमेरिकियों पर प्रभाव

अमेरिका में 5.4 मिलियन से अधिक भारतीय रहते हैं, जो अमेरिकी जनसंख्या का लगभग 1.47% हैं। इनमें से दो-तिहाई भारतीय प्रवासी हैं, जबकि 34% अमेरिकी जन्मे हैं।

  • emporary वीज़ा धारक भारतीय: अस्थायी वर्क वीज़ा या टूरिस्ट वीज़ा पर रहने वाले भारतीय नागरिकों के बच्चे अब जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिक नहीं होंगे।
  • बर्थ टूरिज्म का अंत: यह आदेश "बर्थ टूरिज्म" (जिसमें महिलाएं बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका जाती हैं) को भी रोकने के लिए बनाया गया है।

कानूनी और सामाजिक असर

  • कानूनी चुनौती: ट्रंप के इस आदेश को पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।
  • सामाजिक प्रभाव: इसका भारतीय समुदाय पर गहरा असर पड़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जो अमेरिका में बच्चों के जन्म को नागरिकता का आधार मानते थे।
  • आव्रजन नीतियां: भारतीय प्रवासियों के लिए अमेरिकी आव्रजन नीतियों में संभावित बदलाव को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

ट्रंप का दृष्टिकोण

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह आदेश अमेरिका में अवैध आव्रजन और "बर्थ टूरिज्म" को रोकने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि 14वें संशोधन का उद्देश्य हमेशा से सीमित नागरिकता प्रदान करना था।

यह आदेश भारतीय-अमेरिकियों और अमेरिका में अन्य प्रवासी समुदायों के लिए चिंता का विषय बन गया है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापार और आव्रजन संबंधी चर्चाएं तेज हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।