जापान पहुंचे पीएम मोदी: भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत, बुलेट ट्रेन से लेकर सेमीकंडक्टर तक कई अहम समझौतों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी यहां अपने दो दिवसीय दौरे पर हैं और इस दौरान वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी यहां अपने दो दिवसीय दौरे पर हैं और इस दौरान वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन करेंगे।
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप्स, स्वच्छ ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक और नवाचार जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
बुलेट ट्रेन साझेदारी: भारत को मिलेगा जापान का अगली पीढ़ी का E10 शिंकानसेन
इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि भारत-जापान के बीच नई पीढ़ी की E10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन पर समझौता हो सकता है। यह ट्रेन 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती है, भूकंपरोधी है और अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस है। भविष्य में इसका अधिकतम स्पीड 400 किमी/घंटा तक पहुंच सकता है।
भारत को पहले पुराना E5 मॉडल मिलना था लेकिन पीएम मोदी की पहल और जापानी नेतृत्व के साथ करीबी रिश्तों के चलते भारत को अब नया E10 मॉडल मिल सकता है। दोनों नेता सेन्दाई शहर के तोहोकू शिंकानसेन संयंत्र का दौरा करेंगे, जहां बुलेट ट्रेन के कोच बनाए जाते हैं।
मुंबई-अहमदाबाद परियोजना के बाद अब भारत में अन्य मार्गों पर भी हाई-स्पीड रेल विस्तार की चर्चा संभव है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़ा निवेश
समिट में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर खास जोर रहेगा। पीएम मोदी और इशिबा टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा करेंगे, जो जापान की प्रमुख चिप बनाने वाली कंपनी है।
जापान अगले दशक में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े निवेश की योजना बना रहा है और इसमें भारतीय प्रतिभा व कंपनियों की अहम भूमिका होगी। इससे आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत होने के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल साझेदारी
दोनों देश एआई टूल्स, स्टार्टअप्स और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा दूरसंचार और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार पर भी सहयोग की संभावना है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी गहरी हो सकती है।
- UNICORN रडार और कम्युनिकेशन प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने की उम्मीद है।
- नौसेना प्रणालियों, जहाज रखरखाव और संयुक्त रक्षा उपकरण विकास पर भी सहयोग संभव है।
- 2008 के सुरक्षा समझौते को अपग्रेड कर साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा को मज़बूत किया जा सकता है।
अंतरिक्ष सहयोग
अंतरिक्ष क्षेत्र में इसरो और जापान की JAXA के बीच LUPEX (Lunar Polar Exploration Mission) परियोजना पर काम जारी रहेगा, जो चंद्रयान-5 से जुड़ा है। इससे भारतीय स्टार्टअप्स को भी जापानी तकनीक का लाभ मिल सकता है।
निवेश लक्ष्य बढ़ सकता है
भारत और जापान अब तक तय किए गए 5 ट्रिलियन येन निवेश लक्ष्य (2026 तक) को 2025 में ही हासिल कर चुके हैं। अब दोनों देश इस लक्ष्य को 7-10 ट्रिलियन येन तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
पीएम मोदी जापान दौरे के दूसरे दिन सेन्दाई जाकर सेमीकंडक्टर सुविधा का दौरा करेंगे और फिर चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे (31 अगस्त – 1 सितम्बर)।
What's Your Reaction?