संभल हिंसा: 45 उपद्रवियों के पोस्टर जारी, नुकसान की भरपाई इन्हीं से होगी

उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। हिंसा में शामिल 45 उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की गई है और इनके पोस्टर जारी किए गए हैं।

संभल हिंसा: 45 उपद्रवियों के पोस्टर जारी, नुकसान की भरपाई इन्हीं से होगी
28-11-2024 - 08:45 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। हिंसा में शामिल 45 उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की गई है और इनके पोस्टर जारी किए गए हैं।

इन पोस्टर्स में उन लोगों की तस्वीरें हैं जो हिंसा भड़काने, पुलिस और सर्वे टीम पर पत्थर फेंकने में शामिल पाए गए। पुलिस ने कई उपद्रवियों के नाम और पते भी सार्वजनिक कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई इन्हीं लोगों से कराई जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग चेहरे को कपड़े से ढंके हुए और हाथों में पत्थर लिए नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ उपद्रवी पुलिस और सर्वे टीम पर लगातार पत्थर फेंकते हुए भी देखे गए।

महिलाओं की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के आदेश

इस मामले में पुलिस ने बुधवार सुबह तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर हिंसा में शामिल होने का आरोप है। शासन ने हिंसा में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

100 से ज्यादा आरोपियों की पहचान, 27 गिरफ्तार

मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरों से मिले वीडियो के आधार पर अब तक 100 से अधिक आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 27 को गिरफ्तार किया गया है।

एसपी का बयान

संभल के एसपी कृष्ण कुमार ने कहा कि पुलिस और सर्वे टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी निर्दोष को कार्रवाई का सामना न करना पड़े। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर रही है।

हिंसा में इस्तेमाल की गई रणनीति

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कुछ उपद्रवियों की आंखों पर हरे रंग का लोशन लगा हुआ था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इसे लगाने से आंसू गैस का प्रभाव कम हो जाता है। पुलिस का यह कदम हिंसा में शामिल लोगों को जवाबदेह बनाने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मामले की जांच जारी है, और दोषियों को जल्द सजा दिलाने का प्रयास हो रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।