बुलडोजर एक्शन के दौरान आग में जलकर मां-बेटी की हुई मौत, राजनीतिक रोटियां सेंकने लगी सपा
<p><em>उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रूरा थाना इलाके के मडौली गांव में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान सोमवार को एक अधेड़ उम्र की महिला और उसकी बेटी ने अपनी झोपड़ी में खुद को आग लगा ली, जिससे दोनों की मौत हो गयी। इस घटना के बाद तुरंत ही सरकार हरकत में आ गयी। लेखपाल को निलंबित कर दिया है, बुलडोजर के चालक को गिरफ्तार कर लिया है और इसके साथ ही 23 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। </em></p>
घटना की निंदा करते हुए यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि किसी भी दोषी को हम बख्शेंगे नहीं। प्रशासनिक अधिकारी हों या पुलिस के अधिकारी हों, कानपुर में झुग्गी झोपड़ी पर जाकर जिन लोगों ने ऐसा काम किया है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आज मिल जाएगी फिर एक्शन लिया जाएगा। वहीं परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है।
क्या है मामला
बताया जा रहा है किअतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत प्रशासन की पीड़ितों द्वारा ज़मीन पर कब्ज़ा करने की शिकायत मिली थी। कारवाही के पहले एक झोपड़ी गिराने पहुंची प्रशासन की वहां रहने वाले कृष्ण गोपाल दीक्षित के साथ बहसबाजी होने लगी। झोपड़ी में कृष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला दीक्षित (45) और बेटी (20) उस वक्त मौजूद थे। तभी उस पर तहसील प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलवा दिया गया। टीम कार्रवाई कर रही थी तभी महिला और उसकी बेटी ने खुद को झोपड़ी में बंद करके आग लगा ली जिससे मां-बेटी की मौत हो गई और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे पिता- पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
लेखपाल पर गिरी सरकार की गाज
घटना की जानकारी होने पर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री भी मौके पर पहुंच गईं थीं और जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की पहचान प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा दीक्षित के रूप में हुई है, जिन्होंने ‘ग्राम समाज’ भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए गए पुलिस, जिला प्रशासन और राजस्व टीम के सामने यह घातक कदम उठाया। पीड़ितों को बचाने के प्रयास में रूरा थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) दिनेश गौतम और पीड़ित प्रमिला के पति गेंदनलाल झुलस गए। उन्होंने कहा कि घटना से आक्रोशित परिजनों व उनके समर्थकों ने लेखपाल अशोक सिंह की पिटाई कर दी, जिसके बाद अतिक्रमण रोधी टीम वहां से चली गयी।
सपा की प्रतिक्रिया
जाहिर है,उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें दोबारा जमने की जद्दोजहद कर रही अखिलेश यादव की सपा ने योगी सरकार के विरुद्ध जलती आग में अपनी रोटियां सेंकनी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के हैंडल से मामले पर एक ट्वीट किया गया कि ” योगी जी आपके जल्लाद और अमानवीय प्रशासन द्वारा की गयी ये हत्या है। योगी सरकार में लगातार ब्राह्मण परिवार निशाना बनाये जा रहे हैं। लगातार चुन चुनकर ब्राह्मणों के साथ घटनाएं घटित हो रही हैं” इसी ट्वीटको अखिलेश यादव ने भी रीट्वीट किया है। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि उसका प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलेगा।
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