राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नंबर दिखाए जाने के बाद यूपी के व्यक्ति ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस उसका मोबाइल नंबर फ्लैश होने के बाद से उसे लगातार परेशान करने वाली फोन कॉल्स आ रही..
नयी दिल्ली। के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस उसका मोबाइल नंबर फ्लैश होने के बाद से उसे लगातार परेशान करने वाली फोन कॉल्स आ रही हैं।
यह व्यक्ति अंजनी मिश्रा नामक एक सेल्स एग्जीक्यूटिव हैं, जिन्होंने बताया कि वे इस नंबर का उपयोग पिछले 15 वर्षों से कर रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में अपना नंबर देख वे हैरान रह गए और अब वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा— “मैंने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कोई आवेदन नहीं किया। नंबर दिखाए जाने के बाद से मुझे लगातार कॉल आ रही हैं। मैं बेहद परेशान हूं और पुलिस में शिकायत करूंगा।”
राहुल गांधी का आरोप
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग उन लोगों को बचा रहा है जो कांग्रेस के गढ़ों में मतदाता सूची में गड़बड़ी कर “भारतीय लोकतंत्र को नष्ट” कर रहे हैं।
गांधी ने कहा, “यह एच-बम नहीं है, एच-बम आने वाला है। यह तो सिर्फ एक और सबूत है जिससे देश का युवा देख सके कि चुनावों में धांधली किस तरह की जा रही है।”
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग जानकारी साझा न करके लोकतंत्र के “कातिलों” को संरक्षण दे रहा है। गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के उदाहरण देते हुए कहा कि मतदाता सूची में सॉफ़्टवेयर आधारित हेरफेर करके कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव आयोग का जवाब
राहुल गांधी के आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि ये आरोप “गलत और निराधार” हैं और किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित सुनवाई के सूची से हटाया ही नहीं जा सकता।
What's Your Reaction?