'छिपाने को कुछ नहीं': शेखावत ने विशेष सत्र की मांग ठुकराई, कहा मानसून सत्र में मिलेंगे सभी जवाब

'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विपक्ष द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग के बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं है और आगामी मानसून सत्र में सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे..

'छिपाने को कुछ नहीं': शेखावत ने विशेष सत्र की मांग ठुकराई, कहा मानसून सत्र में मिलेंगे सभी जवाब
02-06-2025 - 07:41 AM

जोधपुर। 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विपक्ष द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग के बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं है और आगामी मानसून सत्र में सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।

 विशेष सत्र की जरूरत नहीं: शेखावत

  • उन्होंने कहा कि विपक्ष की मंशा वास्तव में जवाब मांगने की नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल बनाने की है।
  • अगले 20-25 दिनों में मानसून सत्र शुरू होने वाला है, जहां हर किसी को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का पूरा अवसर मिलेगा,” शेखावत ने कहा।

 पीएम पहले ही दे चुके हैं जवाब

  • शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले तीन दिनों में तीन अलग-अलग स्थानों से ऑपरेशन सिंदूर और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से बात की है।
  • विपक्ष को पहले तय करना चाहिए कि उन्हें पीएम से सुनना क्या है, क्योंकि प्रधानमंत्री पहले ही हर मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रख चुके हैं।”

 ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार का रुख

  • शेखावत ने कहा कि भारत ने इस सैन्य अभियान में जिस साहस और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया, उससे दुनिया भर में सराहना हुई है।
  • उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि, “जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तब वो सनसनीखेज विषयों का सहारा लेते हैं।”

जासूसी मामले में कार्रवाई की मांग

  • पूर्व कांग्रेस मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सचिव की जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी पर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि यह "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" है।
  • उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती, चाहे व्यक्ति कोई भी हो।
  • शेखावत ने कहा, हर संबंध, हर लिंक की गहराई से जांच होनी चाहिए। देशविरोधी गतिविधियों को बख्शा नहीं जा सकता।

 कांग्रेस की मांग क्या है?

  • कांग्रेस ने सीडीएस जनरल अनिल चौहान के बयानों के बाद सरकार से सैन्य और विदेश नीति पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी।
  • साथ ही, देश की रक्षा रणनीति पर सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेने की बात कही गई।

शेखावत का साफ संदेश है — सरकार पारदर्शी है, सवालों से नहीं डरती, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही चर्चा होगी। विपक्ष चाहे तो मानसून सत्र में हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार रहें।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।