डॉ मोहन भागवत से मुलाकात के बाद दुनियाभर में बस मौलाना उमेर इलियासी के ही चर्चे

डॉ मोहन भागवत से मुलाकात के बाद दुनियाभर में बस मौलाना उमेर इलियासी के ही चर्चे
24-09-2022 - 04:15 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

मौलाना उमेर इलियासी कौन हैं? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत की गुरुवार, 22 सितंबर को उमेर अहमद इलियासी से मुलाकात के बाद उनके बारे में जानने वालों की तादाद कई गुणा बढ़ गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख मौलाना उमेर अहमद इलियासी इंडिया गेट से सटी गोल मस्जिद के इमाम हैं। उन्होंने इस्लाम के साथ अन्य धर्मों का भी गहन अध्ययन किया हुआ है। उनके जीवन का अटूट हिस्सा है सर्वधर्म समभाव। मोहन भागवत के गोल मस्जिद में आने पर हैरान होने वालों को शायद मालूम ना हो कि इसी मस्जिद में इंदिरा गांधी उस दौर में भी आती थीं, जब वे देश की प्रधानमंत्री थीं। तब इस मस्जिद के इमाम मौलाना जमील इलियासी थे। वे मौलाना उमेर अहमद इलियासी के वालिद थे। उन्हें इंडिया गेट का फकीर भी कहा जाता था।
मौलाना उमेर इलियासी कहते हैं कि उनके पुरखे हिन्दू थे। वे तो यहां तक कहते हैं कि वे भगवान कृष्ण के वंशज हैं। उनका परिवार करीब दो-ढाई सौ साल पहले इस्लाम स्वीकार कर चुका है। वे मानते हैं कि इस्लाम का रास्ता सच्चाई, अमन और भाई चारे की तरफ लेकर जाता है। इस्लाम में किसी के लिए कोई नफरत का भाव नहीं है। मौलाना उमेर इलियासी की स्कूली शिक्षा पंडारा रोड के सरकारी स्कूल में हुई। वे स्कूली दिनों में क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी थे। उम्र बढ़ी तो उनका रास्ता बदल गया। पिता मौलाना जमील इलियासी ने उन्हें अपने साथ जोड़ लिया।
गांधी से प्रभावित मौलाना
मौलाना उमेर इलियासी की शख्सियत पर महात्मा गांधी का असर साफ दिखाई देता है। वे कहते हैं कि गांधी जी उनके गुरुग्राम के गांव घसेरा के पुश्तैनी घर में 19 अगस्त, 1947 को आए थे। वहां पर मौलाना उमेर के दादा चौधरी मुनीरउद्दीन साहब और सैकड़ों लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। गांधी जी ने गांवों वालों को हिदायत दी थी कि वे पाकिस्तान नहीं जाएंगे। गांव वालों ने उनकी बात मानी थी। मौलाना उमेर इलियासी राजघाट पर होने वाले सर्वधर्म सम्मेलनों में लगातार पहुंचते हैं। बहुत ही प्रखर वक्ता हैं। वे जब कुरान के साथ गीता और बाइबल से भी उदाहरण देकर अपनी बात रखते हैं तो श्रोतागण मंत्रमुग्ध होकर उन्हें ध्यान से जाते हैं। वे कहते हैं कि भारत में शांति के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।