पीएम मोदी के गांव वडनगर में मिली 2800 साल पुरानी बस्ती

<p>वडनगर में मिले 2800 साल पुरानी बस्ती के अवशेषों पर पुरातत्व पर्यवेक्षक मुकेश ठाकोर का कहना है कि वडनगर में तब से खुदाई चल रही है जब प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।</p>

पीएम मोदी के गांव वडनगर में मिली 2800 साल पुरानी बस्ती
23-01-2024 - 05:17 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर में एक पुरातात्विक खुदाई के दौरान लगभग 2800 साल पुरानी बस्ती के होने के सबूत मिले हैं। गुजरात के वडनगर में ये खुदाई आईआईटी खड़गपुर के नेतृत्व में चल रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर में मिले 2800 साल पुरानी बस्ती के अवशेषों पर आईआईटी खड़गपुर में जियोलॉजी और जियोफिजिक्स के प्रोफेसर डॉ। अनिंद्य सरकार ने कहा कि हम पिछले चार- पांच साल से यहां एएसआई के साथ काम में लगे हैं।
डॉ. अनिंद्य सरकार ने कहा कि एएसआई 2016 से काम कर रहा है और 20 मीटर की गहराई तक खुदाई की जा चुकी है। यहां एक बहुत पुराने बौद्ध मठ का भी पता चला है। उन्होंने कहा कि वडनगर का इतिहास बहुत पुराना है। यहां खुदाई के दौरान सात सांस्कृतिक परतों का पता चला है। सबसे पुरानी मानव बस्ती 2800 वर्ष या 800 ईसा पूर्व की लगती है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर में मिले 2800 साल पुरानी बस्ती के अवशेषों पर पुरातत्व पर्यवेक्षक मुकेश ठाकोर ने भी प्रतिक्रिया दी है। 
वडनगर में मिले 2800 साल पुरानी बस्ती के अवशेष
वडनगर में मिले 2800 साल पुरानी बस्ती के अवशेषों पर पुरातत्व पर्यवेक्षक मुकेश ठाकोर का कहना है कि गुजरात के वडनगर में तब से खुदाई चल रही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। यहां एक लाख से ज्यादा अवशेष मिले हैं। इस सभ्यता को देखकर लग रहा है कि यहां जल प्रबंधन प्रणाली और जल स्तर रहा होगा। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि वडनगर में अब तक लगभग 30 स्थलों की खुदाई की जा चुकी है। खुदाई के दौरान जो सबूत मिले हैं, उन्हें देखकर लगता है कि यहां विभिन्न धर्मों- बौद्ध धर्म, जैन धर्म, और हिंदू धर्म के लोग बड़े सद्भाव के साथ रहते थे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।