बाबरी-स्टाइल मस्जिद विवाद के बाद पूर्व TMC विधायक ने लिया यू-टर्न, बोले..‘लोग चाहते हैं मैं इस्तीफा न दूँ’
हुमायूं कबीर ने कहा कि जनता के आग्रह पर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे इस्तीफे का अब कोई सवाल ही नहीं है। मैं विधायक पद से नहीं हट रहा हूँ। लोगों ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना है। वे नहीं चाहते कि मैं इस्तीफा दूँ..
बाबरी-स्टाइल मस्जिद विवाद के बाद पूर्व TMC विधायक ने लिया यू-टर्न, बोले..‘लोग चाहते हैं मैं इस्तीफा न दूँ’
कोलकाता। निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया। इससे पहले उन्होंने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की तरह बनाई जा रही एक मस्जिद का शिलान्यास कर पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। यह तारीख बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी भी थी।
मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर से विधायक कबीर ने बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण शुरू कराते ही घोषणा की थी कि वे 17 दिसंबर को विधानसभा से इस्तीफा देंगे और पाँच दिन बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे।
‘लोग नहीं चाहते कि मैं इस्तीफा दूँ’
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कबीर ने कहा कि जनता के आग्रह पर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे इस्तीफे का अब कोई सवाल ही नहीं है। मैं विधायक पद से नहीं हट रहा हूँ। लोगों ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना है। वे नहीं चाहते कि मैं इस्तीफा दूँ, इसलिए उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए मैंने अपना निर्णय वापस ले लिया है।”
उन्होंने पहले कहा था कि वे कोलकाता में एक स्थायी समिति की बैठक में भाग लेने के बाद अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
TMC ने और दूरी बनाई
विवाद बढ़ने के बाद TMC नेतृत्व ने कबीर से दूरी को और स्पष्ट कर दिया। बार-बार पार्टी अनुशासन तोड़ने के आरोप में उन्हें पिछले सप्ताह ही निलंबित किया जा चुका है।
कोलकाता के मेयर और राज्य मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, “TMC सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती। कबीर को पार्टी की अनुशासन समिति तीन बार चेतावनी दे चुकी थी। अब उन्होंने फिर ऐसा किया है। पार्टी की अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव की सहमति से उन्हें निलंबित किया गया है। उनका अब पार्टी से कोई संबंध नहीं रहेगा।”
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