बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 18 साल बाद कोलकाता लौटेंगी, रवींद्र सदन में कार्यक्रम करने की योजना

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 18 साल के अंतराल के बाद कोलकाता लौटने वाली हैं, जिससे यह सालों की अनिश्चितता खत्म हो गई है कि क्या वह कभी उस शहर में वापस आएंगी जिसे वह कभी अपना घर मानती थीं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब खुद नसरीन ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए यह खबर..

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 18 साल बाद कोलकाता लौटेंगी, रवींद्र सदन में कार्यक्रम करने की योजना
15-07-2026 - 10:37 AM

नयी दिल्ली। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 18 साल के अंतराल के बाद कोलकाता लौटने वाली हैं, जिससे यह सालों की अनिश्चितता खत्म हो गई है कि क्या वह कभी उस शहर में वापस आएंगी जिसे वह कभी अपना घर मानती थीं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब खुद नसरीन ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए यह खबर साझा की।

नसरीन ने नवंबर 2007 में कट्टरपंथी समूहों के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद कोलकाता छोड़ दिया था, जिसके कारण शहर में व्यापक अशांति फैल गई थी। उस समय, तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार ने कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना तैनात की थी। तब से, लेखिका ने बार-बार लौटने की इच्छा व्यक्त की है लेकिन पिछले राज्य प्रशासन के दौरान उनकी यह यात्रा कभी भी संभव नहीं हो पाई।

1 अगस्त के कार्यक्रम के लिए वापसी की पुष्टि

आयोजकों के अनुसार, नसरीन 1 अगस्त को रवींद्र सदन में एक कार्यक्रम में भाग लेंगी। यह आयोजन 'सेक्युलर मिशन' और 'पोश्चिमबोंगेर जोन्नो' (पश्चिम बंगाल के लिए) द्वारा किया जा रहा है।

एक आयोजक ने इस बात की पुष्टि की कि कार्यक्रम के दौरान नसरीन कविता पाठ करेंगी, गीत गाएंगी और अपने विचार साझा करेंगी। आयोजक ने यह भी दावा किया है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस आयोजन के लिए अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है और उनके इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

घोषणा पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

नसरीन की प्रस्तावित वापसी ने राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों हलकों में चर्चा छेड़ दी है। पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने लेखिका की यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनकी लेखनी की सराहना की है और उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि वह इतने लंबे समय बाद कोलकाता लौट रही हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि समाज के कुछ वर्गों ने पहले उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी और यह उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम अनावश्यक विवादों से मुक्त रहेगा।

नसरीन की वापसी से लोगों का ध्यान काफी हद तक आकर्षित होने की उम्मीद है क्योंकि 2007 की उन घटनाओं के बाद यह उनकी पहली कोलकाता यात्रा होगी, जिनके कारण सुरक्षा चिंताओं के बीच उन्हें शहर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। रवींद्र सदन में उनकी उपस्थिति पर उनके समर्थकों और आलोचकों, दोनों की ही कड़ी नज़र रहने की संभावना है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।