अमेरिका-ईरान युद्ध लाइव अपडेट्स: IRGC का दावा.. बहरीन में 5वें बेड़े का मुख्यालय तबाह; कुवैत रिफाइनरी और जॉर्डन के F-18 हैंगर पर भी हमले
: ईरान के अर्धसैनिक बल 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लगाता है, तो वे खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात को पूरी तरह से..
अमेरिका-ईरान के मध्य संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है। यह संघर्ष रोकने की भरसक कोशिशें हुईं लेकिन ये कोशिशें फिलहाल नाकामयाब ही रही हैं। इस संघर्ष की ताजा जानकारियां इस प्रकार हैं..
- ईरान की निर्यात रोकने की धमकी: ईरान के अर्धसैनिक बल 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लगाता है, तो वे खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात को पूरी तरह से रोक देंगे।
- इजरायल की सैन्य सहायता पर विवाद: अमेरिकी कांग्रेस महिला इल्हान उमर ने घोषणा की है कि वह इज़राइल को दी जाने वाली 3.3 बिलियन डॉलर की अमेरिकी सैन्य सहायता को रोकने वाले संशोधन के पक्ष में मतदान करेंगी। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा, "यह अनुचित है कि हम इस जनसंहार करने वाले रंगभेदी शासन को वित्तपोषित करना जारी रखें।" यह प्रस्ताव थॉमस मैसी और रो खन्ना द्वारा पेश किया गया है।
- अमेरिका के ईरान पर ताज़ा हमले: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तटीय इलाकों के पास दर्जनों सैन्य स्थलों को निशाना बनाते हुए ईरान पर एक और दौर के हमले किए हैं। सात घंटे तक चले इस ऑपरेशन में लड़ाकू विमानों, ड्रोनों और नौसैनिक जहाजों का इस्तेमाल किया गया। अमेरिका ने 15 जुलाई को रात 1:30 बजे (IST) से ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है।
- ईरान का "सईकेह" (Saeqeh) ऑपरेशन: ईरानी सेना ने अपने इस ऑपरेशन का आठवां चरण शुरू करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की नई लहर की घोषणा की। ईरान ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर दूसरी बार F-18 लड़ाकू विमानों की पोज़ीशन और उपकरण हैंगरों को निशाना बनाने का दावा किया है।
- बहरीन और कुवैत में हमलों का दावा:
- बहरीन: IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े (Fifth Fleet) के कमांड सेंटर के साथ-साथ ईंधन और उपकरण सुविधाओं को नष्ट कर दिया है।
- कुवैत: IRGC ने अपने "नस्र 2" ऑपरेशन के तहत कुवैत के मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी सेना के मुख्य रसद (लॉजिस्टिक्स) और सहायता केंद्र को निशाना बनाने का दावा किया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश भर में सुनी गई तेज़ आवाज़ें ईरानी ड्रोनों को मार गिराने वाली वायु रक्षा प्रणालियों के कारण थीं।
- होर्मुज जलडमरूमध्य बंद: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य "अमेरिका की बुराइयों के अंत" तक बंद रहेगा।
- वैकल्पिक तेल पाइपलाइन की योजना: होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण, अमेरिका इराक को सीरिया के भूमध्यसागरीय तट से जोड़ने वाली किरकुक-बनियास तेल पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने के लिए बातचीत का समर्थन कर रहा है। इससे ईरान का प्रभाव कम होगा। संघर्ष के दौरान इराक को अपने तेल उत्पादन में 60% की कटौती करनी पड़ी थी।
- ट्रंप पर चक शूमर का हमला: अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया कि वह बिना किसी संसदीय मंजूरी, योजना या 'एग्जिट स्ट्रेटेजी' के अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में धकेल रहे हैं।
- इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी: अमेरिका और इराकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 2003 में शुरू हुई अपनी 23 साल की सैन्य उपस्थिति को समाप्त करते हुए, अमेरिकी सैनिक 30 सितंबर तक इराक छोड़ देंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इराकी पीएम अली अल-जैदी के साथ बातचीत में कहा, "हमें नहीं लगता कि अब हमें वहां सेना की आवश्यकता है।" अल-जैदी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी बल इराक से बाहर होंगे, जबकि अमेरिकी तेल कंपनियां इराक के अंदर काम करती रहेंगी।
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